PRAYAGRAJ. उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ (UMRKS) में आंतरिक कलह और गुटबाजी अब खुलकर सतह पर आ गई है. संगठन पर वर्चस्व को लेकर दो समानांतर कमेटियां आमने-सामने आ गई हैं. एक तरफ जहां जोनल कार्यसमिति की बैठक कर महामंत्री को संगठन से 5 साल के लिए निष्कासित कर नए पदाधिकारियों के चयन का दावा किया गया है.
वहीं दूसरी ओर निष्कासित महामंत्री ने इस बैठक और निर्णय को असंवैधानिक बताते हुए उप श्रम आयुक्त से स्वीकृत फॉर्म-जे के आधार पर अपनी कमेटी के वैध होने की बात कही है. दोनों गुटों के बीच जारी इस जुबानी जंग और कानूनी दावों से संगठन के सदस्यों व रेल कर्मचारियों के बीच भारी असमंजस की स्थिति बन गई है.
पहले पक्ष का दावा: रूपम पांडे संगठन विरोधी गतिविधियों के कारण 5 साल के लिए निष्कासित, कुंदन सिंह नए महामंत्री
प्रयागराज में केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत कुमार विश्वकर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जोनल कार्यसमिति की बैठक के बाद संगठन के बंशी बदन झा (संयुक्त मंत्री एवं मंडल मंत्री, आगरा) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बड़े बदलावों की घोषणा की. इसमें बताया गया है कि जोनल कार्यसमिति के 20 में से 16 सदस्यों की उपस्थिति में बैठक संपन्न हुई. इसमें भारतीय मजदूर संघ (BMS) के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, प्रदेश महामंत्री अनिल कुमार उपाध्याय, विभाग प्रमुख राधेश्याम पांडे और संगठन मंत्री राधावल्लभ त्रिपाठी समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे.
निष्कासन का आधार: बैठक में बताया गया कि अनुशासन समिति की जांच रिपोर्ट में महामंत्री रूपम पांडे द्वारा संगठन विरोधी गतिविधियां संचालित करने की पुष्टि हुई थी. उन्हें 17 अगस्त 2026 को स्पष्टीकरण के लिए 15 दिन की नोटिस और 31 अगस्त 2026 को अनुस्मारक नोटिस दिया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर सर्वसम्मति से उन्हें प्राथमिक सदस्यता से 5 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया.
नया दायित्व: खाली हुए महामंत्री पद पर संयुक्त मंत्री कुंदन कुमार सिंह को नियुक्त किया गया है, जबकि संयुक्त मंत्री के पद पर श्रीमती बीना सिंह को नामित किया गया है.
“महामंत्री रूपम पांडे को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन स्पष्टीकरण न देने से सिद्ध हुआ कि वे संगठन विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे. कार्यसमिति ने सर्वसम्मति से अनुशासनहीनता पर कार्रवाई करते हुए नए महामंत्री का चयन किया है.” बंशी बदन झा, संयुक्त मंत्री
दूसरे पक्ष का पलटवार: 12 जुलाई को ही निष्कासित हो चुके थे विपक्षी, फॉर्म-जे के तहत हमारी कमेटी ही वैध
दूसरी ओर, निष्कासित किए गए महामंत्री रूपम पांडे ने पहले पक्ष के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे गैर-कानूनी और असंवैधानिक करार दिया है. उन्होंने समाचार पत्रों को पत्र भेजकर विरोधियों पर ही संगठन से बाहर होने का आरोप लगाया है.
12 जुलाई की आम सभा का हवाला: रूपम पांडे के अनुसार, 12 जुलाई 2026 को प्रयागराज में आयोजित आम सभा में ही पूर्व अध्यक्ष हेमंत विश्वकर्मा, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष निर्भय सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष रुक्मानंद पांडे और त्यागपत्र दे चुके पूर्व संयुक्त मंत्री कुंदन सिंह को संघ से निष्कासित किया जा चुका था.
सरकारी मुहर और फॉर्म-जे का दावा: उन्होंने दावा किया कि 06 अगस्त 2026 को उप रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन एवं उप श्रम आयुक्त, प्रयागराज ने यूनियन के आधिकारिक दस्तावेजों और ‘फॉर्म-जे’ (Form-J) से उक्त व्यक्तियों के नाम हटाकर नई चुनी गई कमेटी को मंजूरी दे दी है.
संवैधानिक स्थिति: रूपम पांडे का कहना है कि 12 जुलाई 2026 के बाद से हेमंत विश्वकर्मा और उनके साथियों का संगठन पर कोई कानूनी या संवैधानिक अधिकार नहीं बचा है, इसलिए उनके द्वारा ली गई किसी भी बैठक या निर्णय की कोई वैधानिकता नहीं है.
“जो लोग खुद 12 जुलाई को आम सभा द्वारा निष्कासित किए जा चुके हैं, उन्हें किसी भी तरह की बैठक बुलाने या कार्रवाई करने का संवैधानिक अधिकार नहीं है. उप श्रम आयुक्त (प्रयागराज) द्वारा 6 अगस्त को स्वीकृत ‘फॉर्म-जे’ के अनुसार हमारी कमेटी ही अधिकृत है, जिसमें तेज पाल सिंह अध्यक्ष और मैं स्वयं महामंत्री हूं.” रूपम पांडे, महामंत्री
दो समानांतर कमेटियों का गठन और बढ़ता भ्रम
दोनों पक्षों की ओर से जारी बयानों के बाद अब UMRKS में दो अलग-अलग कार्यकारिणी के दावे प्रस्तुत किए जा रहे हैं:
| पद | पहला गुट (कार्यसमिति बैठक का दावा) | दूसरा गुट (रूपम पांडे व फॉर्म-जे का दावा) |
| अध्यक्ष | श्री हेमंत कुमार विश्वकर्मा | श्री तेज पाल सिंह |
| कार्यकारी अध्यक्ष | श्री निर्भय सिंह | श्री संजय तिवारी |
| महामंत्री | श्री कुंदन कुमार सिंह (नवनियुक्त) | श्री रूपम पाण्डेय |
| संगठन मंत्री / प्रभारी | श्री राधावल्लभ त्रिपाठी | श्री अनिल शुक्ल |
| संयुक्त मंत्री | श्रीमती बीना सिंह / श्री बंशी बदन झा | श्री सनत तिवारी |
| उपाध्यक्ष | श्री रूकमानंद पांडेय / श्री मनोज कुमार झा | श्रीमती उषा देवी |
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