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आरपीएफ-जीआरपी

ROURKELA RPF इंस्पेक्टर कमलेश समादार CBI गिरफ्त में !, वेंडर से 12 हजार वसूलते दलाल गिरफ्तार

  • अवैध वेंडिंग संचालन को लेकर स्थानीय सिंडिकेट के निशाने पर आ गये थे कमलेश समादार
  • ASC/ROU ने रेलवे बोर्ड को भेजी ‘X’ की शिकायत पर कहा था – सब कुछ ठीक चल रहा !   

ROURKELA. चक्रधरपुर रेलमंडल में आरपीएफ का चेहरा एक बार फिर से दागदार नजर आ रहा है. सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राउरकेला आरपीएफ प्रभारी कमलेश समादार को हिरासत में लिया है. यह कार्रवाई अवैध वेंडिंग के एवज में वेंडर से पैसे वसूलने के मामले में की गयी है. बताया जाता है कि सीबीआई टीम ने आरपीएफ प्रभारी के तथाकथित करीबी और बिचौलिया अजय मिश्रा को एक अवैध वेंडर से 12 हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया था. इसके बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर तक जांच एजेंसी पहुंची.

RPF में TMM ने बढ़ाया तापमान, ASC के बयान से अवैध वेंडिंग की खुली पोल, CIB टीम पहुंची राउरकेला

अजय मिश्रा से मिली जानकारी और तमाम सुबूतों को साथ सीबीआई टीम आरपीएफ इंस्पेक्टर के आवास पहुंची. यहां काफी समय तक सीबीआई और इंस्पेक्टर के परिजनों के बीच बकझक होती रही. परिवार के सदस्य सीबीआई की कार्रवाई का विरोध करते रहे. इसे लेकर कुछ समय तक गतिरोध बना रहा. इसके बाद सीबीआई अधिकारियों ने आवास में प्रवेश किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए RPF इंस्पेक्टर  कमलेश समादार को हिरासत में ले लिया है.

सीबीआई की इस कार्रवाई से चक्रधरपुर रेल मंडल के आला अधिकारी सकते में है. RPF  महकमे में हड़कंप की स्थिति है. बताया जाता है कि आरपीएफ इंस्पेक्टर कमलेश समादार के खिलाफ पिछले पांच माह से सीबीआई को शिकायतें मिल रही थीं. शिकायतों की जांच के बाद सीबीआई ने प्रारंभिक मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. प्रभारी के खिलाफ वारंट भी जारी था. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है.

ROURKELA में CBI ने बंडामुंडा RPF पोस्ट के कांस्टेबल को 15 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा, सस्पेंड

चक्रधरपुर डिवीजन में आरपीएफ में बीते छह माह से एक साल के बीच सीबीआई की यह तीसरी कार्रवाई है. इससे पहले सीबीआई की टीम बंडामुंडा RPF पोस्ट में तैनात कांस्टेबल मो. इसरार को रेलवे क्षेत्र में कबाड़/स्क्रैप चुनने देने के बदले एक महिला से ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए राउरकेला के बिसरा चौक से गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले सीबीआई ने  बिमलगढ़ में एक जवान को अवैध वूसली के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था.

ASC/ROU साहब … यहां सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था 

राउरकेला से झारसुगुड़ा तक का जोन अवैध वेंडरों की गतिविधियों को लेकर शुरू से चर्चा में रहा है. यहां आरपीएफ की कमाई का मुख्य जरिया भी अवैध वेंडिंग-वेंडर और गांजा तस्करी ही है. यही कारण है कि अवैध वेंडिंग को संचालित करने वाले कई अलग-अलग लोग यहां सक्रिय है, जिनकी निगरानी और निगहबानी में यह काम सालों से चलता आ रहा है. बीते कुछ दिनों से अवैध वेंडिंग में भेदभाव को लेकर इंस्पेक्टर कमलेश समादार वेंडिंग सिंडिकेट के निशाने पर आ गये थे. कहां जा रहा था कि आरपीएफ अलग से वेंडिंग सिस्टल चला रहा, इससे कई लोगों की अवैध वेंडिंग प्रभावित हुई थी. इसे लेकर टकराव बढ़ा था.

अवैध वेंडिंग को लेकर बीते दिनों रेलहंट ने भी विस्तार से खबर का प्रकाशन किया था. सूत्रों का कहना है कि अवैध वेंडिंग को लेकर मीडिया रिपोर्ट पर राउरकेला के वर्तमान ASC/ROU एमके खान ने रेलवे बोर्ड को भेजी रिपोर्ट में गलतबयानी की. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 22.5.2026 को उनकी पदस्थापना के बाद से उनके क्षेत्राधिकार में अवैध वेंडिंग की कोई शिकायत सामने नहीं आयी है और अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. इसके लिए टास्क फोर्स भी बनाया गया है. हालांकि उन्होंने यह जरूर माना था कि आज की तिथि तक 414 अवैध वेंडिंग के केस भी ASC/ROU के क्षेत्राधिकार में दर्ज किये गये हैं. जबकि बीते दो से तीन दिनों में ही अवैध वेंडिंग के कई मामले राउरकेला पोस्ट में दर्ज किये गये. झारसुगुड़ा में गुरुवार को ट्रेन से केबुल की चोरी के बाद राउरकेला में सीबीआई की इस कार्रवाई से यह तो जरूर स्पष्ट हो गया है कि ASC/ROU के क्षेत्राधिकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था. तब बड़ा सवाल यह उठ रहा है क्या ASC/ROU ने DG/RPF और रेलवे बोर्ड को भी गुमराह किया ? … जारी ….

रेलहंट का प्रयास है कि सच रेल प्रशासन के सामने आये. ऐसे में किसी को अपना पक्ष रखना है तो whatsapp 9905460502 पर भेज सकते है, पूरे सम्मान के साथ उसका संज्ञान लिया जायेगा. 

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