NEW DELHI. रेलवे में नौकरी करने वाले लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए एक बहुत ही राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है. रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने बच्चों की शिक्षा (Children Education Ground) को प्राथमिकता देते हुए रेलवे आवास (क्वार्टर) को अपने पास रखने यानी रिटेंशन (Quarter Retention) के नियमों में बड़ा और सकारात्मक बदलाव किया है.
इस नए आदेश के बाद अब कर्मचारियों को ट्रांसफर के दौरान बच्चों की पढ़ाई बीच में छूटने या आवास खाली करने की चिंता से बड़ी राहत मिलेगी.
यह संभव होगा रेलवे बोर्ड के नए सर्कुलर RBE No. 26/2026 से जो मई माह में जारी किया गया था और अब इसका लाभ रेलकर्मियों को मिलने लगा है. आइये जानते है कि रेलवे बोर्ड ने इसके लिए नियमों में क्या-क्या बदलाव किया है.
कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए नया नियम
रेलवे बोर्ड के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी का ट्रांसफर ऐसे समय पर होता है जब उसके बच्चे प्रारंभिक कक्षाओं यानी कक्षा 1 से 8 तक में अध्ययनरत हैं, तो कर्मचारी शैक्षणिक सत्र (Academic Session) समाप्त होने के बाद एक अतिरिक्त माह तक रेलवे क्वार्टर अपने पास रख सकेंगे. गौरतलब है कि पहले यह सुविधा केवल शैक्षणिक सत्र की समाप्ति तक ही सीमित थी, जिससे परिवारों को तुरंत क्वार्टर खाली करना पड़ता था.
कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को मिली बड़ी राहत
स्कूली शिक्षा के अंतिम और सबसे संवेदनशील दौर यानी कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए नियमों में विशेष राहत दी गई है. यदि कर्मचारी का बच्चा 9वीं से 12वीं कक्षा में पढ़ रहा है, तो संबंधित बोर्ड की अंतिम परीक्षा समाप्त होने के बाद तीन महीने तक रेलवे आवास को प्रतिधारित (retain) किया जा सकेगा. आपको बता दें कि पहले यह अवधि शैक्षणिक सत्र समाप्त होने के बाद केवल 15 दिनों की होती थी, जो बच्चों और अभिभावकों के लिए काफी कम मानी जाती थी.
किन शर्तों और सीमाओं के साथ लागू होंगे नए नियम?
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए कुछ नियम और शर्तें मानना अनिवार्य होगा:
एक ही स्टेशन पर अध्ययन: यह सुविधा तभी लागू होगी जब बच्चा उसी स्टेशन पर पढ़ाई कर रहा हो और उसी रेलवे आवास में आधिकारिक रूप से रह रहा हो.
दोहरा लाभ नहीं: रेलवे कर्मचारी किसी अन्य मौजूदा नियम के तहत मिलने वाली किसी अन्य सुविधा के साथ इस नियम का दोहरा लाभ नहीं ले सकेंगे.
लागू होने की सीमा: यह व्यवस्था लंबित (Pending) और भविष्य के मामलों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगी. हालांकि, उन मामलों पर इसका कोई असर नहीं होगा जिनका पहले ही निपटारा किया जा चुका है.
रेलवे बोर्ड का यह कदम कर्मचारियों और उनके बच्चों के भविष्य के प्रति एक संवेदनशील और सराहनीय पहल है. इस बदलाव से स्थानांतरण के दौरान अभिभावकों को होने वाली मानसिक और व्यावहारिक परेशानियों में कमी आएगी, साथ ही बच्चे बिना किसी व्यवधान के अपनी शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे.
- रेलवे में सीबीआई की कार्रवाई जारी, अब बीकानेर में 48 करोड़ के टेंडर बिल के बदले 1.20 लाख रिश्वत लेते सेक्शन ऑफिसर समेत 2 गिरफ्तार - August 15, 2026
- IRCTC भर्ती 2026 : बिना परीक्षा रेलवे में पाएं ₹35,000 की नौकरी, टूरिज्म मॉनिटर पदों पर वॉक-इन इंटरव्यू से होगा सेलेक्शन - August 15, 2026
- रेलवे ने 3,993 पदों के लिए निकाली बहाली, जूनियर इंजीनियर के लिए आवेदन शुरू, 13 सितंबर तक करें अप्लाई - August 15, 2026

















































































