KHARAGPUR. भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की पहचान बन चुकी वंदे भारत एक्सप्रेस के रखरखाव में अब खड़गपुर कारखाना ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा दी है. खड़गपुर कारखाना के अंतर्गत स्थित टीआरएस पीओएच शॉप ने टाटा–पटना वंदे भारत रेक का एसएस-1 शिड्यूल सफलतापूर्वक पूरा कर एक नई उपलब्धि अपने नाम की है. इसे कारखाना के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है.
विगत कई वर्षों से उत्पादन, मरम्मत और रखरखाव के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही टीआरएस पीओएच शॉप ने इस बार देश की अत्याधुनिक सेमी-हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत के शिड्यूलिंग कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कर अपनी तकनीकी दक्षता का परिचय दिया है. इस उपलब्धि के पीछे शॉप के कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, कौशल और टीमवर्क की बड़ी भूमिका रही. विशेष रूप से महिला कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी ने इस सफलता को और भी उल्लेखनीय बना दिया.
ज्ञात हो कि टाटानगर और पटना के बीच संचालित वंदे भारत एक्सप्रेस 12 सितंबर 2024 से यात्रियों को सेवा दे रही है. रेलवे के निर्धारित मानकों के अनुरूप इस रेक का एसएस-1 शिड्यूल खड़गपुर स्थित टीआरएस पीओएच शॉप में पूरा किया गया. कार्य सम्पन्न होने के बाद मुख्य कारखाना इंजीनियर महेश कुमार ने रेक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
इस अवसर पर मुख्य कार्य प्रबंधक रामप्रसाद बाईन, मुख्य कार्य प्रबंधक (वैगन) बिमल टोपनो, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (डीजल) आशुतोष कुमार, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (उत्पादन) आर.एन. पति, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (वैगन) आनंद कुमार, कारखाना कार्मिक अधिकारी लक्ष्मीधारा महापात्रो, सहायक कार्य प्रबंधक (डीजल) संदीप कुमार विद्यार्थी सहित विभिन्न शाखाओं के अधिकारी उपस्थित रहे.
देश में ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत विकसित वंदे भारत एक्सप्रेस के रखरखाव से जुड़ी यह सफलता केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि खड़गपुर कारखाना की बढ़ती क्षमता, आत्मविश्वास और भारतीय रेल के भविष्य में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका का भी प्रमाण है. यह उपलब्धि बताती है कि खड़गपुर अब केवल परंपरागत रेल कार्यों तक सीमित नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की ट्रेनों के रखरखाव और तकनीकी चुनौतियों को संभालने में भी पूरी तरह सक्षम है.




















































































