- विधायक सरयू का आरोप, रेल प्रशासन ट्रेन परिचालन सुधारने की दिशा में गंभीर नहीं, डीआरएम अलाप रहे पुराना राग
- चक्रधरपुर में पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह अस्त-व्यस्त, एक घंटे की दूरी तय करने में लग रहे चार से पांच घंटे
TATANAGAR. दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेलमंडल में ट्रेनों के अनियमित परिचालन को लेकर टाटानगर में आयोजित विधायक सरयू राय के विरोध-धरना-प्रदर्शन को भरपूर जनसहयोग मिला लेकिन इसका कोई प्रभाव पहले दिन रेलवे पर नहीं दिखायी पड़ा. विरोध प्रदर्शन के ठीक बाद आने वाली बिहार की महत्वपूर्ण ट्रेन दक्षिण बिहार एक्सप्रेस को चक्रधरपुर से टाटानगर आने में दो घंटे लग गये. सामान्य अवस्था में यह दूरी एक घंटे में तय होती है. यही हाल दूसरी ट्रेनों का भी रहा. इससे स्पष्ट हो गया कि ट्रेन परिचालन के सुधार की दिशा मेंरेलवे एक कदम आगे बढ़ने को तैयार नहीं है.
विधायक सरयू राय ने प्रदर्शन के बीच कहा कि डीआरएम ने मंत्री के आदेश का हवाला देकर सुधार की बात जरूर कही लेकिन यह सुधार की दिशा किस तरह प्रभावी होगी इस पर रेल प्रशासन मौन है. आश्वासन के बावजूद रेल प्रशासन की ओर से कोई प्लान नहीं सौंपा गया. अलबत्ता परेशानियां और रेलवे ट्रैक बढ़ाने की बात जरूर कही जा रही है. रेलवे की ओर से धरना स्थल पर सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी आश्वासन लेकर पहुंचे थे लेकिन लिखित आश्वासन से कम पर विधायक तैयार नहीं हुए. डीआरएम तरुण हुरिया अब भी टेनाें के विलंब के लिए संसाधनों का राप अलाप रहे हैं.
ट्रेनों की लेट-लतीफी से परेशान लोगों ने रेल मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. धरनास्थल पर प्रदर्शनकारियों ने डंका बजाकर रेलवे के खिलाफ आंदोनल का विगुल फूंका. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रेल प्रशासन मालगाड़ियों को प्राथमिकता देकर यात्री ट्रेनों की अनदेखी कर रहा है, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
आधे घंटे का सफर तीन घंटे में करा रहा रेलवे, यात्रा कष्टदायक
विधायक सरयू राय ने कहा कि चांडिल से टाटानगर रेलवे स्टेशन तक का सफर जो सामान्यतः लगभग आधे घंटे में पूरा हो जाता है, यात्री ट्रेनों को 3 से 4 घंटे तक का समय लग रहा है. यात्रियों के लिए यह बेहद कष्टदायक है, खासकर उन मजदूरों के लिए जो रोजी-रोटी के लिए दूसरे शहरों से आते हैं. उन्होंने कहा कि ट्रेनों की समयबद्धता सुनिश्चित करना रेलवे की जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान स्थिति में यात्रियों की सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है. रेलवे प्रशासन जल्द से जल्द व्यवस्था में सुधार करे, उनका यह आंदोलन व्यापक रूप लेगा.
रेलवे स्टैंडिंग कमेटी, रेलवे बोर्ड, रेलमंत्री से मांगा जायेगा जवाब
विधायक सरयू राय के नेतृत्व में मंगलवार से टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित धरना में कहा कि अब दिल्ली जाकर रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से सीधा जवाब मांगा जायेगा. ट्रेनों की लेट-लतीफी पर रेलवे स्टैंडिंग कमेटी में मामला ले जाया जायेगा. सरयू राय ने अल्टीमेटम दिया कि यदि रेलवे ने अपनी सेठ वाली मानसिकता नहीं बदली और यात्री ट्रेनों का समय ठीक नहीं किया, तो मजबूर होकर जनता मालगाड़ियों का चक्का जाम करेगी.
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