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CKP DIV : रेलवे ब्लॉक में लाल झंडा लगाने गया ट्रैकमैन वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आया, चली गयी जान

  • देवघर जसीडीह के रहने वाले थे मनोज दास, छह साल से आदित्यपुर पीडब्ल्यूआई में थे पदस्थापित 
  • रेल प्रशासन घटना की जिम्मेदारी तय करने में जुटा, विभिन्न स्तर पर करायी जा रही जांच  

TATANAGAR.  दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेलमंडल में शुक्रवार की दोपहर वंदेभारत की चपेट में आकर रेलवे ट्रैकमैन मनोज दास (45) की दर्दनाक मौत हो गयी. घटना सीनी-गम्हरिया रेलवे स्टेशनों के बीच बीरवांस किलोमीटर संख्या 266/15-17 के समीप हुई. वहां अप लाइन पर ब्लॉक लेकर रेल बदलने का काम चल रहा था. इस दौरान ट्रैकमैन मनोज दास साथियों को सुरक्षित करने के लिए विपरीत दिशा की ओर लाल झंडा लगाने गया था. तभी टाटानगर की ओर से आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आ गया. उसकी मौके पर ही मौत हो गयी.

रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीनी-गम्हरिया के बीच ब्लॉक लेकर रेल बदलने का काम होने वाला था. इस दौरान ब्लॉक मिलने से पहले मनोज दास मुख्य स्थल से 300 मीटर की दूरी पर अप लाइन पर लाल झंडा लगाने गया था ताकि आने वाली ट्रेनों के पायलट को पटरी पर काम चलने की जानकारी मिली सके. बताया जाता है कि वहीं एक मालगाड़ी खड़ी थी. मालगाड़ी इंजन के समीप ही काम पूरा करने के बाद मनोज वह थर्ड लाइन के समीप बैठा था.

यह भी पढ़ें : रेलहंट की रिपोर्ट पर लगी मुहर… राउरकेला रेलवे पार्सल से लाखों का गांजा जब्त, निशाने पर CPS और IPF

इस बीच ब्लाॅक मिलते ही सभी रेलकर्मी पटरी बदलने के काम में जुट गये. किसी का ध्यान मनोज की ओर नहीं गया. तभी टाटानगर की ओर से थर्ड लाइन पर तेजी से वंदे भारत आती दिखी. सहयोगियों ने शोर मचाकर पटरी के समीप बैठे मनोज दास को आगाह करने का प्रयास किया लेकिन उनकी आवाज उस तक नहीं पहुंच सकी. वंदे भारत के चालक ने लगातार हार्न बनाया लेकिन मनोज दास को यह उम्मीद नहीं थी वंदे भारत उसी पटरी पर आ रही है जिस पर वह बैठा है. समीप ही मालगाड़ी का इंजन चालू हालत था, जिसके कारण भी उस तक साथियों के शोर मचाने की आवाज नहीं पहुंची. घटना के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस मौके पर कुछ समय के लिए रुकी रही.

इस दौरान वंदे भारत की टक्कर से मनोज दास का पूरा सिर धड़ से अलग होकर गया. उसके चिथड़े उड़ गये. मनोज दास देवघर का निवासी था. वह अपने परिवार के साथ गम्हरिया में रहता था जो आदित्यपुर पीडब्ल्यूआई में टीएम टू के पद पर छह वर्ष से तैनात थे. सूचना मिलते ही वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे. रेल प्रशासन घटना के कारणों की जांच करा रहा है. इसमें यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा कि आखिर घटना के कारण क्या रहे ? रेल प्रशासन हादसे को लेकर जिम्मेदारी तय करने की तैयारी में है?

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