Guwahati. पहली बार बंगाईगांव के विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने ट्रेन की अलार्म चेन खींचने और ट्रेन रोकने के मामले में आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. 15 नवंबर को बरपेटा रोड स्टेशन के निकट एक व्यक्ति ने ट्रेन संख्या 12520 डाउन अगरतला-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस की अलार्म चेन खींची थी. चेन खींचने के परिणामस्वरूप, ट्रेन बरपेटा रोड के पास किलोमीटर 296/1 पर रुक गई. ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ की टीम ने तत्काल कार्रवाई की और उक्त अपराधी को पकड़ने में कामयाब रही. बाद में उस पर रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत जुर्माना लगाया गया और ट्रेन डिटेंशन चार्ज वसूला गया.
इससे पहले पूसी रेलवे की आरपीएफ ने अलीपुरद्वार मंडल में 5 और कटिहार मंडल में 8 ऐसे ही मामले दर्ज किए थे। पकड़े गए सभी लोगों पर रेल अधिनियम का उल्लंघन करने का मुकदमा संबंधित न्यायालयों चल रहा है.
यात्री ट्रेनों में अलार्म चेन का दुरुपयोग समय की पाबंदी पर प्रभाव डालता है और रेलवे को परिचालन संबंधी हानि पहुंचाता है. किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में ट्रेनों को रोकने के लिए इसके हर कोच में अलार्म चेन सिस्टम लगाया गया है. ट्रेन में अलार्म चेन यात्रियों की सुविधा के लिए हैं और इसका उपयोग केवल ट्रेन यात्रा के दौरान सुरक्षा/संरक्षा से जुड़ी गंभीर आपात स्थिति के दौरान ही किया जाना चाहिए. पर्याप्त और उचित कारण के बिना अलार्म चेन का उपयोग रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत दंडनीय अपराध है, जिसके लिए कारावास या जुर्माना अथवा दोनों हो सकता है.
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