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TATANAGAR : रेलवे अस्पताल ने अनुबंध खत्म होने के बाद भी मरीज को किया रेफर, ब्रहमानंद अस्पताल ने वापस लौटाया

  • रेलकर्मियों की मौत के बाद भी गंभीरता नहीं दिखा रहे रेलवे डॉक्टर, हर दिन विलंब से आते है सीएमएस 
  • रेलवे डॉक्टरों को नहीं थी अनुबंध खत्म होने की जानकारी, रेलवे मेंस यूनियन ने दी आंदोलन की चेतावनी 

 JAMSHEDPUR. चक्रधरपुर के ट्रेन मैनेजर तरुण केरकेट्टा की इलाज के अभाव में हुई मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि टाटानगर रेलवे अस्पताल में बड़ी कुव्यवस्था सामने आयी है. टाटानगर रेलवे अस्पताल से गुरुवार को वृद्धा मरीज को तमोलिया ब्रहमानंद अस्पताल रेफर कर दिया गया लेकिन वहां से ब्रहमानंद अस्पताल प्रबंधन ने उसे वापस लौटा दिया. इसके बाद रेलवे के डॉक्टरों को पता चला कि तमोलिया ब्रहमानंद अस्पताल का अनुबंध का समय खत्म हो चुका है. इसके बाद आनन-फानन में मरीज को टेल्को अस्पताल रेफर किया गया.

यह भी पढ़ें : ट्रेन मैनेजरों ने जीएम का किया घेराव, कहा – इलाज तो मिला नहीं…पेपर वर्क ने ले ली एक रेलकर्मी की जान

17500 उम्मीद कार्ड होल्डर के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाले टाटानगर रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों के पास अनुबंध खत्म होने की जानकारी नहीं होना और मरीज को वापस लौटने और दूसरे अस्पताल भेजे जाने के बीच अगर कोई अनहोनी हो जाती तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता, यह बताने वाला भी यहां कोई नहीं है. टाटानगर रेलवे अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि सीएमएस डॉ जेपी महाली हर दिन दोपहर एक बजे के बाद ही अस्पताल आते है. ऐसे में कई कार्य विलंबित होते है.

उधर रेलवे मेंस यूनियन के नेताओं ने रेलवे अस्पताल की कुव्यवस्था और सीएमएस के हर दिन विलंब से आने को मुद्दा बनाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है. यूनियन नेताओंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि तमोलिया ब्रहमानंद अस्पताल से अनुबंध खत्म होने की जानकारी रेलवे अस्पताल के प्रबंधन को नहीं थी. इस कारण घंटों इंतजार के बाद वहां से मरीज को वापस रेलवे अस्पताल लौटा दिया गया. यह बड़ी लापरवाही है. ऐसे की लापरवाही और पेपर वर्क में विलंब के कारण ट्रेन मैनेजर की मौत हो गयी थी. इस घटना से रेलवे के डॉक्टर सबक लेने को तैयार नहीं है.

31 जुलाई को खत्म हो रहा टाटा मोटर्स अस्पताल से अनुबंध, सीएमएस को दिया अल्टीमेटम  

रेलवे मेंस यूनियन के सहायक महासचिव जवाहरलाल ने सीएमएस को पत्र सौंपकर वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाया है. उन्होंने सलाह दी कि रेलवे रेफरल अस्पताल में अनुबंध समाप्त होने से पूर्व ही दोबारा अनुबंध की प्रक्रिया को पूरा करे. हालात में विलंब होने के स्थिति में रेलवे प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था करे. सभी डाक्टरों की अस्पताल में उपस्थिति ठीक समय में सुनिश्चित करें. अभी बड़े डाक्टर खुद एक बजे के बाद आतें हैं, जिस कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. कल ही ब्रहमानंद अस्पताल (तमोलिया) से अनुबंध समाप्त होने के जानकारी नहीं होने के कारण टाटानगर रेलवे अस्पताल से वहां भेजा गया, जिसे घंटों इंतजार के बाद वापस भेज दिया गया. 31 जुलाई के बाद टेल्को मोटर अस्पताल से भी अनुबंध समाप्त हो रहा है परन्तु अभी तक नये अनुबंध की प्रक्रिया आरंभ भी नहीं की गयी है. सीएमएस को इस बात का अल्टीमेटम दिया गया कि अगर अगर समय रहते कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी तो मेंस यूनियन धरना-प्रदर्शन के लिए तैयार है.

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