JHANSI. उरई में रिश्वतखोरी में पकड़े गए रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन) और टेक्नीशियन को निलंबन के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि डिवीजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (टीडी) के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है. यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा गुरुवार को रिश्वतखोरी कांड में की गयी कार्रवाई और तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद की गयी है.
सीबीआई की लखनऊ से आयी टीम ने उरई में ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन (टीआरडी) कार्यालय में गुरुवार को छापेमारी की थी. इस दौरान सीनियर सेक्शन इंजीनियर बीएस पाल को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था. इसी कार्रवाई में चित्रकूट में मंडलीय विद्युत अभियंता (डीईई) टीआरडी शांतनु यादव और टेक्नीशियन प्रकाश कुशवाहा की गिरफ्तारी भी हुई. मामला आउटसोर्सिंग में हेल्परों की भर्ती और नवीनीकरण से जुड़ा है. आरोप था कि इन कार्यों के लिए सुविधा शुल्क मांगा जा रहा था.
सीनियर सेक्शन इंजीनियर (ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन) और टेक्नीशियन की बर्खास्तगी का आदेश मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय (कार्मिक) द्वारा जारी किया गया. सीबीआई की छापेमारी में गिरफ्तारी और निलंबन के बाद सेवा से बर्खास्त किये जाने के अपने तरह के पहले मामले को लेकर पूरे उत्तर मध्य रेलवे जोन (NCR) में अफरा-तफरी मच गयी है. कहा जा रहा है कि सीबीआई अभी झांसी रेल मंडल के कुछ और अधिकारियों पर भी नजर रख रही है.
आउटसोर्सिंग एजेंसी भगत इंजीनियर्स के संचालक सिद्धार्थ गौतम की शिकायत पर सीबीआई ने यह छापेमारी की थी. सिद्धार्थ गौतम ने 17 फरवरी को सीबीआई में शिकायत देकर बताया था कि बिना रिश्वत दिए अभ्यर्थियों को नौकरी पर नहीं रखा जा रहा था. 18 फरवरी से सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की. इसके बाद गुरुवार की दोपहर सीबीआई टीम उरई पहुंची और जाल बिछाया.
सीबीआई टीम ने सिद्धार्थ गौतम को 20 हजार रुपये देकर भगवान सिंह पाल के पास भेजा. भगवान सिंह पाल के रिश्वत की रकम लेते ही दबोच लिया गया. इसके बाद भगवान सिंह पाल के बयान पर डिवीजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (टीडी) शांतनु यादव और टेक्नीशियन प्रकाश कुशवाहा को गिरफ्तार किया गया था. .
डीईई (टीडी), एसईई (टीडी) और टेक्नीशियन को सीबीआई कार्रवाई के बाद सस्पेंड कर दिया गया था. बाद में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय (कार्मिक) की ओर से एसईई (टीडी) भगवान सिंह पाल और टेक्नीशियन प्रकाश कुशवाहा को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया गया है. झांसी रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के अनुसार जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किये जाने पर प्रथम दृष्टया निलंबन की कार्रवाई होती है. दोनों कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की गयी है.
















































































