- यूनियन के आपसी मतभेद को पाटने का प्रयास, तिहाई का आकड़ा नहीं जुटा सके यूनियन नेता
CHAKRADHARPUR. ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) के आह्वान पर चक्रधरपुर रेलमंडल के मुख्यालय भवन के समीप दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस यूनियन (SERMU) ने ऑल इंडिया डिमांड डे मनाया. 17 सूत्री मांगों के समर्थन में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में यूनियन नेताओं में लंबित मांगों को लेकर एकजुटता जताने का प्रयास किया. यह आह्वान महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा की ओर से किया गया था, जिसके समर्थन में देश भर धरना प्रदर्शन आयोजित किये गये.
मेंस यूनियन के मंडल संयोजक एमके सिंह के नेतृत्व में केंद्रीय एवं शाखा स्तर के पदाधिकारियों की मौजूदगी में रेलकर्मियों की समस्याओं व मांगों पर नेताओं ने विचार रखे. प्रदर्शन में दिलचस्प बात यह रही कि विगत कुछ महीनों से आपसी टकराव के बावजूद केंद्रीय पदाधिकारी शिवजी शर्मा अपनी टीम के साथ मंडल संयोजक एमके सिंह के अगुवाई वाले कार्यक्रम में मौजूद दिखे. हालांकि इसके बावजूद प्रदर्शन में रेलकर्मियों की उपस्थिति में तिहाई का आकड़ा यूनियन नेता नहीं जुटा सके.
मेंस यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष और एआइआरएफ नेता शिवजी शर्मा ने इस मौके पर रेलकर्मियों के हितों की रक्षा के लिए एआइआरएफ और मेंस यूनियन ने लंबे संघर्ष को याद किया. कहा कि AIRF के संघर्ष के परिणामस्वरूप आज रेलकर्मियों को उनके अधिकार प्राप्त हुए हैं.कहा कि मेंस यूनियन सभी विभागों के कर्मचारियों की मांगों को मजबूती से उठा रही है, लेकिन सरकार इन मांगों को आसानी से मानने वाली नहीं है. ऐसे में रेलकर्मियों को एकजुट और संगठित होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है, ताकि अपनी मांगों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जा सके.
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शिवजी शर्मा ने कहा कि रेलवे में विभागवार यूनियन बनने से कर्मचारियों में बिखराव हो रहा है, जिसका सीधा लाभ सरकार और रेलवे प्रशासन को मिल रहा है. उन्होंने संघर्ष के खिलाफ हर लड़ाई को मिलकर लड़ने की बात जरूर कही लेकिन संकेत भी दिया कि यूनियन के भीतर के मदभेद रेल प्रशासन को ही बूस्ट करने का काम करते है. इससे रेलकर्मियों की बुनियादी सुविधाओं की लड़ाई को बड़ा धक्का लगता है.
प्रदर्शन में मंडल संयोजक एमके सिंह ने आपसी सहयोग के साथ हर लड़ाई को मिलकर लड़ने का आह्वान किया. उन्होंने रेलकर्मियों से यूनियन को सहयोग करने और उनकी मांगों को यथासंभव प्रशासन के सामने रखने की बात कही. डिमांड डे कार्यक्रम में सीओबी जवाहर लाल, अजय कुमार सिंह, राजेश कुमार, अजय राय, रमाशंकर, संजय पाठक, संजय सिंह के अलावा चक्रधरपुर, टाटानगर, आदित्यपुर, बंडामुंडा एवं राउरकेला से ब्रांच पदाधिकारी उपस्थित हुए थे.
17 मांगों को लेकर किया गया प्रदर्शन, जाने क्या है मांगें
एआइआरएफ की प्रमुख मांगों में आठवां वेतन आयोग लागू करने, जोखिम एवं कठिन ड्यूटी भत्ता देने, ट्रैक मेंटेनर को ग्रेड पे 4200 देने, एलडीसीइ सभी के लिए लागू करने, प्वाइंटमैन को चार ग्रेड पे देने, ग्रेड-1 एवं ग्रेड-2 टेक्नीशियन का विलय करने, महिला कर्मचारियों के लिए विभाग परिवर्तन की सुविधा लागू करने, लोको पायलट एवं ट्रेन मैनेजर को बढ़ा हुआ किलोमीटर भत्ता अविलंब देने, कैडर पुनर्गठन को शीघ्र अंतिम रूप देने, नयी ट्रेनें व नयी लाइनों के साथ नए पद सृजित करने, पेट्रोलिंग ड्यूटी में दो कर्मचारियों की व्यवस्था तथा दूरी 20 किलोमीटर से घटाकर 12 किलोमीटर करने, लोको पायलट व ट्रेन मैनेजर को ग्रेड पे 4600 एवं 4800 देने, माता-पिता को प्रिविलेज पास देने, वास्तविक बेसिक वेतन पर बोनस देने तथा सभी विभागों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने जैसी मांगें शामिल हैं.















































































