- संविधान के नियमों के विरुद्ध अचानक केंद्रीय पदाधिकारी के रूप में प्रकट हो गये अवैध लोग : प्रशांत कुमार
KOLKATA. दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस में मची खींचतान के बीच एसआर मिश्रा गुट ने दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में अंतरिम केंद्रीय समिति के गठन पर सवाल उठाते हुए प्रतिक्रिया दी है. दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के केंद्रीय अध्यक्ष प्रशांत कुमार सिन्हा की ओर जारी बयान में बताया गया कि मेंस कांग्रेस के अवैध सदस्यों ने नयी कमिटी के गठन कर झूठा दावा किया है. यह कमेटी असंवैधानिक है और संगठन और रेलवे की मान्य व्यवस्था के प्रतिकूल हैं.

प्रशांत कुमार सिन्हा, केंद्रीय अध्यक्ष, SERMC
उन्होंने सवाल उठाते हुए बताया कि नयी कमेटी के गठन के लिए मोहम्मद मुस्ताक द्वारा बैठक बुलाने की बात कही गयी है जो न तो SERMC के केंद्रीय पदाधिकारी हैं और न ही वर्तमान में किसी शाखा के पदाधिकारी हैं. वर्ष 2024 में संगठन के 10 सदस्यता पुस्तिकाएं प्राप्त कर उन्हें वापस न करने के कारण उन्हें सचिव पद से हटा दिया गया था. नयी कमेटी के केंद्रीय पदाधिकारियों की अंतरिम सूची में शामिल महासचिव नियालाल कुमार एवं संयुक्त महासचिव अमर सिंह का नाम भी यूनियन की सदस्यता सूची में नहीं है.
रेलवे बोर्ड ने दिनांक 27/01/2025 को जारी पत्र के माध्यम से दक्षिण पूर्व रेलवे प्रशासन को सूचित कर दिया था कि ये दोनों पिछले तीन वर्षों से संगठन के प्राथमिक सदस्य नहीं हैं, और इनके नाम सदस्यता सूची से हटा दिए गए हैं. वहीं लालबाबू, योगेन्द्र प्रसाद एवं संजय लाल ने तो सेवानिवृत्त होने के बाद मेंस कांग्रेस की मानद सदस्यता (Honorarium Membership) भी नहीं ली है.

SERMC के केंद्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष प्रशांत कुमार सिन्हा जारी बयान में इस बात पर आश्चर्य जताया है कि संविधान के नियमों के विरुद्ध अचानक केंद्रीय पदाधिकारी के रूप में ये लोग कैसे प्रकट हो गए. प्रशांत कुमार सिन्हा ने दक्षिण पूर्व रेल प्रसाशन द्वारा जारी मेन्स कांग्रेस के आधिकारिक सूची और 27/01/2025 का रेलवे बोर्ड द्वारा जारी पत्र साझा करते हुए SERMC के रूप में किसी अंतरिम केंद्रीय समिति के गठन को पूरी तरह असंवैधानिक करार दिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा करने वालों के खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

















































































