- रेलवे टिकट दलालों पर मेहरबान रहा आरपीएफ, साल में सिर्फ 13 मामले ही पकड़े गये
- हेल्पलाइन से मिली 2,407 शिकायतें, मानव तस्करी में 62 बच्चों-महिलाएं हुई मुक्त
RANCHI. रेलवे सुरक्षा बल की कार्रवाई के बीच तस्करों ने दो कदम आगे बढ़कर ट्रेनों को तस्करी का बड़ा माध्यम बना लिया है. लगातार कार्रवाई और बरामदगी के बावजूद तस्करी नहीं रुक रही है. रेलवे सुरक्षा बल रांची के रिकार्ड के अनुसार वर्ष 2025 (जनवरी से 31 दिसंबर 2025 तक) के बीच नशीले पदार्थों एवं प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी के 27 मामले दर्ज किये गये. इसमें 39 लोगों को पकड़ा गया. इसमें सबसे अधिक 530.08 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया. इसके अलावा कफ सिरप की 190 बोतलें एवं अन्य सामान बरामद किये गये. बरामद तस्करी के सामानों की कुल कीमत 91,76,690 रुपये आंकी गयी. इसके अलावा आरपीएफ ने सोना एवं अवैध शराब के 80 मामलों में 84 लोगों को भी पकड़ा. दिलचस्प है कि साल भर चले अभिया के बावजूद ट्रेनों से तस्करी के मामले कम नहीं हुए.
आरपीएफ द्वारा जारी बयान के अनुसार रेलवे अधिनियम के 14,131 मामलों में 14,100 लोगों पर अभियोजन चलाकर 17,98,530 रुपये बतौर जुर्माना वसूले गये. टिकट दलालों के विरुद्ध इस साल कार्रवाई धीमी रही. मात्र 13 मामले ही पकड़े गये. इसमें 14 पर्सनल आईडी से बनाये गये टिकट और 2 एजेंट आईडी का ही पता लगाया जा सका.
इसके अलावा 688 ड्राइव में बेटिकट 44,790 लोगों से 30,24,24,651 रुपये जुर्माना वसूला गया. सिगरेट एवं तंबाकू अधिनियम में 538 लोगों से 1,07,600 रुपये वसूले गये. रेलवे हेल्पलाइन 139 के माध्यम से प्राप्त 2,407 शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया गया. यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित आईपीसी के अंतर्गत 54 मामले पंजीकृत किए गए, जिनमें 20 मामलों का सफलतापूर्वक पता लगाते हुए 20 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया.
सामाजिक दायित्वों के अंतर्गत “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” एवं “डिग्निटी” के तहत कुल 339 व्यक्तियों को रेस्क्यू किया गया, जिनमें 172 बालक, 149 बालिकाएं, 12 पुरुष एवं 6 महिलाएं शामिल हैं. मानव तस्करी के विरुद्ध “ऑपरेशन एएएचटी” के अंतर्गत 12 मामलों का पता लगाकर 62 बच्चों- महिलाओं को मुक्त कराया गया तथा 15 तस्करों को गिरफ्तार किया गया. “ऑपरेशन जीवन रक्षा” के तहत वर्ष 2025 में चार अवसरों पर आरपीएफ के सतर्क एवं साहसी कर्मियों द्वारा चलती ट्रेनों से गिरते यात्रियों की जान बचाई गई, जो उनकी तत्परता एवं कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण है.
“ऑपरेशन अमानत” के अंतर्गत यात्रियों की ओर से छोड़ी गई संपत्ति की बरामदगी करते हुए 288 वस्तुएं, जिनका कुल अनुमानित मूल्य 51,35,177 रुपये है, सुरक्षित रूप से उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया. इनमें बैग, लैपटॉप, मोबाइल फोन, पर्स एवं अन्य कीमती वस्तुएं शामिल हैं. स्वच्छता अभियानों के अंतर्गत 723 व्यक्तियों से 72,300 रुपये का जुर्माना वसूला गया. यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुल 10,646 ट्रेनों में एस्कॉर्टिंग की गई.















































































