NEW DELHi. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की कमान पहली बार किसी महिला अधिकारी के हाथों में आयी है. उन्होंने 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले निर्वतमान डीजी मनोज यादव से प्रभार लिया. कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मध्यप्रदेश कैडर की आईपीएस अधिकारी सोनाली मिश्रा की डीजी/आरपीएफ के पद पर 31 अक्टूबर, 2026 तक नियुक्ति को मंजूरी दे दी थी. सोनाली मिश्रा का छत्तीसगढ़ के बहुत पुराना नाता है.
अपनी व्यावसायिकता, समर्पण और नेतृत्व क्षमता के लिए जानी जाने वाली मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की आईपीएस सोनाली मिश्रा तीन दशकों से अधिक की विशिष्ट सेवा का अनुभव रखती हैं. इस कार्यभार से पहले, उन्होंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (चयन/भर्ती) के रूप में कार्य किया, साथ ही पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल में एडीजी और मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला. उनका आरपीएफ मुख्यालय पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया.

डीजी आरपीएफ का स्वागत करते अधिकारी
उन्होंने सीबीआई और बीएसएफ में भी सेवा की है और कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में सेवा देने का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी प्राप्त है. उत्कृष्टता और व्यावसायिकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है.
लेकिन आपको यह जानकार सुखद आश्चर्य होगा कि अपने करियर के शुरुआती दिनों में जब मध्यप्रदेश का बंटवारा नहीं हुआ था, तब वे बिलासपुर में CSP और ASP रह चुकी हैं. राज्य बंटवारे के बाद वे मध्यप्रदेश (कैडर) चली गईं. दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक, रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, यात्री सुरक्षा और अपराध रोकथाम के लिए ज़िम्मेदार रेलवे सुरक्षा बल को उनके दूरदर्शी और समावेशी नेतृत्व का लाभ मिलेगा. राज्य और केन्द्रीय पुलिस संगठनों में उनके व्यापक अनुभव से बल के आधुनिकीकरण, क्षमता निर्माण और सामुदायिक सहभागिता को नई गति मिलने की उम्मीद है.
रेलवे सुरक्षा बल, जिसे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक में रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, यात्री सुरक्षा और अपराध रोकथाम का दायित्व सौंपा गया है, को उनके दूरदर्शी और समावेशी नेतृत्व का लाभ मिलेगा. राज्य और केंद्रीय पुलिस संगठनों में उनके व्यापक अनुभव से बल के आधुनिकीकरण, क्षमता निर्माण और सामुदायिक सहभागिता को नई गति मिलने की उम्मीद है.
पदभार ग्रहण करते हुए, सुश्री मिश्रा ने सेवा के अवसर के लिए आभार व्यक्त किया और सतर्कता, साहस और सेवा के उन मूल्यों को बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई जो आरपीएफ के आदर्श वाक्य “यशो लाभस्व” को परिभाषित करते हैं.














































































