- 30 अगस्त तक वार्ता के लिए दिया है अंतिम अल्टीमेटम, आज खत्म हो रही है मियाद
KANPUR. नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाईज संघ ने रेल प्रशासन पर दबाव बनाते हुए 30 अगस्त तक वार्ता के लिए अंतिम अल्टीमेटम दिया है. शाखा इलेक्ट्रिक लोको शेड टी एम शाप, कानपुर के सामने कर्मचारियों की 34 सूत्रीय मांगों को लेकर संघ ने पांच दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. संघ की ओर से जारी बयान में बताया गया कि 12 अगस्त को प्रबंधन को नोटिस देकर सात कार्य दिवस का समय दिया गया था, परंतु वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया.
इसके विरोध में 19 से 23 अगस्त तक कर्मचारियों ने भोजनावकाश के समय धरना एवं जुलूस निकालकर आक्रोश जताया. संघ का कहना है कि लगातार मौखिक और लिखित रूप से समस्याएं बताने के बावजूद प्रबंधन उदासीन बना हुआ है. कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि 30 अगस्त तक वार्ता नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा.
पदाधिकारियों ने प्रबंधन पर कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी करने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया. धरना-प्रदर्शन में केंद्रीय उपाध्यक्ष मानसिंह, प्रयागराज मंडल मंत्री चंदन कुमार सिंह, संयुक्त मंत्री गोविंद रंजन, सहायक मंत्री एस. रामाराव, दिवाकर शुक्ला, प्रकाश सहित शाखा अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी शामिल हुए.
मालूम हो कि कानपुर में रेलवे अधिकारियों और उत्तर मध्य रेलवे एम्प्लॉइज संघ (NCRES) के बीच टकराव चल रहा है. इसे लेकर संघ ने प्रदर्शन कर एक ओर प्रबंधन पर दबाव बनाने की रणनीति बनायी है तो दूसरी ओर उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ (UMRKS) रेलवे अभियंताओं के समर्थन में आगे आया है. इंजीनियर फेडरेशन के लगभग 100 SSE/JE के साथ संगठन संघ के नेताओं ने बैठक कर उन्हें NCRES नेताओं की दबाव से मुक्ति दलाने का आह्वान किया. UMRKS के नेताओं का कहना है कि उत्तर मध्य रेलवे एम्प्लॉइज संघ (NCRES) के पदाधिकारी रेलवे पदाधिकारियों के साथ लगातार अभद्र व्यवहार करते है और कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करत हैं.















































































