- लाइनमैन अजय कुशवाहा की तैनाती टीआरडी विभाग में लाइनमैन के पद पर थी
- दो दिनों से ड्यूटी रोस्टर में उसका हस्ताक्षर भी नहीं करवाया गया था
JHANSI. रेलवे के अधिकारी चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों का इस्तेमाल किस तरह निजी उपयोग के लिए कर रहे है इसका खुलासा टीआरडी की एक लाइनमैन की मौत के बाद हुआ है. बीती रात लाइनमैन अजय कुशवाहा बेहोशी हालात में चित्रा चौराहा के पास मिला था. उसे अस्पताल पहुंचा गया जहां इलाज के क्रम मेंउसकी मौत हो गयी. दिलचस्प बात यह रही है कि अजय की सेवा लेने वाला अधिकारी सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंचा लेकिन वहां से चुपचाप वापस लौट गया.
इसकी जानकारी लगते ही रेलवे यूनियनों के नेताओं ने रेलवे अस्पताल में हंगामा किया. नेताओं ने लाइनमैन को ऑनड्यूटी दर्ज कराने की मांग रखी. भारी हंगामे के बीच रेलवे अधिकारियों की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि रेलवे कर्मचारी को ऑनड्यूटी दर्ज कराया जायेगा. इसके बाद ही पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जा सकी.
रेलकर्मियों के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र नईबस्ती मोहल्ले में रहने वाला अजय कुशवाहा रेलवे के टीआरडी विभाग में लाइनमैन था. बेहोशी की हालात में मिले अजय की रेलवे अस्पताल में संदिग्ध मौत की सूचना के बाद कर्मचारी आक्रोशित हो गये. चिकित्सकों ने कहा कि हार्ट अटैक से मौत हुई है. रेलकर्मियों ने बताया कि लाइनमैन अजय कुशवाहा से लाइनमैन की जगह ड्राइवर का काम कराया जा रहा था. वह रेलवे के विभागीय साहब को प्राइवेट वाहन में हर दिन ऑफिस ले जाता और वापस घर छोड़ता था. हालांकि वाहन प्राइवेट था लेकिन उसमें चालक की जगह रेलकर्मी की सेवा ली जा रही थी.
अजय की मौत के बाद एनसीआरएमयू, एनसीआरईएस, उत्तर मध्य रेल कर्मचारी संघ के नेताओं को यह पता चला कि उसे ऑन ड्यूटी नहीं दर्शाया जा रहा था. दो दिनों से उससे हस्ताक्षर भी नहीं करवाए गए हैं. इसके बाद रेलवे अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया. यूनियन नेताओं ने सवाल उठाया कि प्राइवेट वाहन के साथ चालक भी मिलता है तब किस कारणों से रेलकर्मी का उपयोग उसकी जगह किया जा रहा था. मामला उलझता देखकर रेलवे अधिकारियों ने अजय को ऑन ड्यूटी दिखाने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया.
हालांकि इस मामले में विभागीय अधिकारी सीनियर डीईई (डीआरडी)/झांसी का पक्ष नहीं मिल सका है. रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि रेलवे कर्मचारी की मौत हार्ट अटैक से होने की खबर मिली है. इसकी जांच की जा रही है.
रेलहंट का प्रयास है कि सच रेल प्रशासन के सामने आये. ऐसे में किसी को अपना पक्ष रखना है तो whatsapp 9905460502 पर भेज सकते है, पूरे सम्मान के साथ उसका संज्ञान लिया जायेगा.


















































































