NEW DELHI. भारत में पहली मालगाड़ी 22 दिसंबर 1851 को चलाई गई थी. यह रुड़की से पिरान कलियर के बीच चलाई गई थी. ये क्षेत्र फिलहाल उत्तरखंड राज्य में है. रुड़की से पिरान कलियर तक बिछाए गए रेलवे ट्रैक पर भाप इंजन से चलने वाली 2 बोगियों की मालगाड़ी चलाई गई थी. इस गाड़ी से मिट्टी और कंस्ट्रक्शन का सामान रुड़की से 10 किलोमीटर दूर पिरान लाया जाना था.
इसके लिए परियोजना के मुख्य इंजीनियर थॉमसन ने इंग्लैंड से भाप से चलने वाला रेल इंजन मंगवाया. इंजन के साथ 180-200 टन तक वजन ले जाने में सक्षम दो बोगियां जोड़ी गईं. तब यह ट्रेन 10 किलोमीटर की दूरी 38 मिनट में तय करती थी.
यानी इसकी रफ़्तार 6.44 किलोमीटर प्रति घंटा थी. यह ट्रेन लगभग 9 महीने चली थी. भारतीय रेल के 150 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2003 में इस इंजन का मॉडल रुड़की रेलवे स्टेशन पर स्थापित किया गया. आज इंडियन रेलवे के जरिये हर साल 10 करोड़ टन माल की ढुलाई की जाती है. खास बात यह है कि रेलवे की 70 प्रतिशत कमाई मालगाड़ियों से ही होती है.
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