Gwalior. उत्तर मध्य रेलवे (North Central Railway) के ग्वालियर स्टेशन पर दो ट्रेनों की टक्कर का टृश्य उत्पन्न किया गया. रेलवे ने इस मॉक ड्रिल से अपनी राहत व बचाव तैयारियों को परखा. दो ट्रेनों में टकराव की सूचना मिलते ही रेलवे को आपातकालीन सायरन बज उठा. सायरन की आवाज सुनते ही रेलकर्मी स्टेशन की ओर भागे. 8 सितंबर शुक्रवार को ग्वालियर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 पर मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आरपीएफ, जीआरपी, जिला पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमे शामिल हुई.
प्रयागराज के डिप्टी चीफ सेफ्टी ऑफिसर मनीषा गोयल की देखरेख में आयोजित किये गये मॉक ड्रिल में रेलवे ने अपनी आपातकालीन तैयारियों को परखा. इसके लिए ट्रेन की बोगी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद राहत और बचाव कार्य को लेकर सीन क्रियेट किया गया था. इसमें ट्रेन के कुछ डिब्बे पटरी से उतरने के बाद पलट गये दिखाये गये. रेलवे और जिला प्रशासन व अन्य विभागों की टीमों ने समन्वय बनाकर राहत और बचाव कार्य चलाया.
मॉक ड्रिल के बाद मीडिया से बातचीत में डिप्टी चीफ सेफ्टी ऑफिसर मनीषा गोयल ने बताया कि हर साल अभ्यास के रूप में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाता है. यह नियमित प्रक्रिया है. यह औचक होता है इसमें यह देखा जाता है कि रेलकर्मी आपदा की स्थिति में कितनी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचते हैं. इस दौरान आपदा तैयारियों की समीक्षा भी की जाती है.
- सुरक्षा राम भरोसे! अत्यधिक थकान और अव्यावहारिक नियमों के बीच काम करने को मजबूर हैं लोको पायलट - August 3, 2026
- डीडीयू में मालगाड़ी की चपेट में आने से प्वाइंटमैन सर्वेश की मौत, 5 साल की बेटी के सिर से उठा पिता का साया - August 3, 2026
- ROURKELA : चोर ले गए पाइप, बारिश में ढही दीवार, बेपरवाह इंजीनियरिंग विभाग अब ठेकेदारी में तलाश रहा ‘कमाई’ का जुगाड़! - August 3, 2026















































































