खड़गपुर. लोको पायलट मधु रंजन की सोमवार तड़के खड़गपुर के समीप ट्रेन दुर्घटना में मौत हो गयी. वह जमशेदपुर के बागबेड़ा कॉलोनी रोड नंबर तीन के रहने वाले थे. उनकी पोस्टिंग खड़गपुर में थी. रविवार की रात गुड्स ट्रेन लेकर खड़गपुर से टाटा आये थे. टाटा से वापस मुख्यालय खड़गपुर लौटने के क्रम में दुर्घटना में उनकी मौत हो गयी.
रेलवे अस्पताल में आवश्यक प्रक्रिया के बाद उनके शव का पोस्टमार्टम मेदिनीपुर में कराया गया. इसके बाद शव खड़गपुर से टाटानगर स्थित बागबेड़ा आवास लाया गया. यहां से उनकी अंतिम यात्रा मंगलवार को पार्वती घाट के लिए निकली जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में रेलवे रनिंग स्टॉफ शामिल हुए.
रेलकर्मियों के अनुसार हसमुख स्वभाव वाले मधु रंजन की पहचान सहयोगी कर्मचारी के रूप में थी जो रेलकर्मियों की हर चिंता व समस्या में आगे खड़े मिलते थे. उनका परिवार बागबेड़ा कॉलोनी के रोड नंबर तीन स्थित कुंवर सिंह मैदान में रहता है. उनके भाई धर्मेंद्र समेत पत्नी व अन्य लोगों का घटना के बाद से रो-रोकर बुरा हाल था. अंतिम यात्रा में परिजनों के रुदन को देखकर पूरा माहौल गमगीन हो गया.
रेलकर्मियों के अनुसार टाटानगर से मधु रंजन पायलट मुंबई मेल में लौट रहे थे. खड़गपुर के समीप ट्रेन के धीरे होने पर उन्होंने उतरने का प्रयास किया इस क्रम में संतुलत बिगड़ने से वह ओएचइ पोल से टकराकर नाली में गिर गये. यहां सिर में लगी चोट से उनकी मौत हो गयी.
सोमवार को सहयोगी रेलकर्मियों में मेदिनीपुर में शव का पोस्टमार्टम कराया और फिर उसे टाटा भेजा गया. मंगलवार को मधु रंजन का अंतिम संस्कार पार्वती घाट पर किया गया. अपने पीछे वह पत्नी व दो छोटे-छोटे बच्चे छोड़ गये हैं. गार्ड काउंसिल के नेता तापस चट्टराज ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया और परिवार को दु:ख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है.


















































































