- अवार्ड वितरण से पहले ही डिवीजन की चयन प्रक्रिया पर उठाये गये थे सवाल
- 70वें रेल सेवा पुरस्कार समारोह में लोडिंग उपलब्धियों पर बटोरी वाहवाही
CHAKRADHARPUR. चक्रधरपुर रेल मंडल ने अपने 70वें रेल सेवा पुरस्कार समारोह को इस बार एक भव्य और प्रेरणादायक आयोजन के रूप में मनाया. महात्मा गांधी सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डीआरएम तरुण हुरिया ने की, जहां उत्कृष्ट कार्य करने वाले 72 रेलकर्मियों को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया. समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसने पूरे माहौल को गरिमा और उत्साह से भर दिया.
अपने संबोधन में डीआरएम तरुण हुरिया ने मंडल की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में 154.97 मिलियन टन माल लदान कर नया रिकॉर्ड बनाया गया. मार्च 2026 में 15.81 मिलियन टन की ऐतिहासिक मासिक लोडिंग भी हासिल की गई. कुल मिलाकर मंडल ने 229.9 मिलियन टन माल की हैंडलिंग की और माल यातायात से 13,098.85 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया. वहीं यात्री यातायात से लगभग 533 करोड़, कोचिंग से 31.09 करोड़ और टिकट जांच से 16.57 करोड़ रुपये की आमदनी हुई.
मंडल ने टाटानगर और राउरकेला में पहली बार सेफ डिजिटल लॉकर की सुविधा शुरू की है. स्क्रैप निस्तारण से 138.44 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि रेलवे अस्पताल में ब्लड बैंक की शुरुआत भी जल्द होने वाली है. कर्मचारियों के हित में 738 रेलकर्मियों को एमएसीपी और 195 लोगों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी गई.

समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट रख-रखाव और कार्य प्रदर्शन के लिए भी कई इकाइयों और अधिकारियों को डीआरएम अवार्ड से सम्मानित किया गया. इस अवसर पर एडीआरएम विनय कुजूर, सीएमएस डॉ. एस.के. मिश्रा, सीनियर डीपीओ डॉ. ऋषभ सिन्हा, सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में रेलकर्मी मौजूद रहे.
डीआरएम ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि रेलकर्मियों की मेहनत ही देश की प्रगति की असली ताकत है और यही समर्पण भविष्य में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा. हालांकि इन अवार्डों के चयन के लिए कौन सा पैमाना और प्रक्रिया अपनाई जाती है इसका आज तक रेलवे ने खुलासा नहीं किया. कई बार चयन को लेकर सवाल भी खड़े होते हैं. आरोप लगते रहे हैं कि जो अधिकारियों की चापलूसी में लगे रहते हैं उन्हें अवार्ड का सम्मान दिया जाता है. लेकिन जो ईमानदारी पूर्वक हर विषम परिस्थिति में काम करते हैं उनका इस लिस्ट में विरले ही कभी कभार नाम आता है. ऐसे में वे रेलकर्मी एक कसक ले कर रह जाते हैं जिन्हें उनके निष्ठा और ईमानदारी का ईनाम नहीं मिलता.
इन अधिकारियों/इकाइयों को मिला डीआरएम अवार्ड
चक्रधरपुर रेल मंडल के 70वें रेल सेवा पुरस्कार समारोह में बेहतर रख-रखाव, उत्कृष्ट प्रदर्शन और संचालन में योगदान के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों व इकाइयों को डीआरएम अवार्ड देकर सम्मानित किया गया. प्रमुख पुरस्कार विजेताओं की सूची इस प्रकार है—
- बेस्ट मेंटेंड ऑफिस (DRM ऑफिस कॉम्प्लेक्स) – एडीएफएम पारूल सिंह
- बेस्ट रनिंग रूम – डुमित्रा के बाबला कुमार साह
- बेस्ट मेंटेंड S&T फील्ड यूनिट – एसएसई बंडामुंडा, देवाशीष नायक
- बेस्ट मेंटेंड कॉलोनी – बंडामुंडा सेक्टर-ई, एसएसई वर्क्स शिव प्रसाद सिंह
- बेस्ट मेंटेंड स्टेशन – राउरकेला स्टेशन, सीसीआई जितेन्द्र कुमार
- बेस्ट मेंटेंड TRD/OHE डिपो – मनोहरपुर, एसएसई विनोद पंडित
- बेस्ट रेलवे स्कूल – बीएनआर झारसुगुड़ा स्कूल, प्राचार्य मनोज कुमार साबत
- बेस्ट मेंटेंड RPSF बैरक – बिरसा मुंडा बैरक चक्रधरपुर, थाना प्रभारी कमलेश सोरेन
- बेस्ट विद्युत ऊर्जा संरक्षण – टाटानगर, संतोष कुमार
- बेस्ट मेंटेंड ट्रैफिक गेट – बड़ाजामदा
- बेस्ट मेंटेंड C&W यूनिट – डांगुवापोसी
- बेस्ट मेंटेंड लोको शेड – इलेक्ट्रिक लोको शेड, राउरकेला
- बेस्ट मेंटेंड हेल्थ यूनिट – राउरकेला
- बेस्ट मेंटेंड गार्डन – बंडामुंडा, एएम नंदा
इन सभी को डीआरएम तरुण हुरिया ने कप और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके कार्यों की सराहना की.



















































































