TATANAGAR. दक्षिण पूर्व रेलवे की मान्यता प्राप्त यूनियन SERMU के पदाधिकारियों ने रेलवे महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन का टाटानगर आगमन पर अभिनंदन किया. इस दौरान यूनियन की ओर से जीएम को 11 बिंदुओं पर शिकायतों का पुलिंदा भी थमाया गया. यूनियन की ओर जीएम को बताया गया कि चक्रधरपुर रेल मंडल भारतीय रेलवे में अधिकतम माल यातायात, यात्री सेवा परिचालन, सुरक्षा एवं उत्पादकता के लिए विशेष पहचान रखता है.
औद्योगिक पारस्परिक संबंधों की उत्कृष्ट परंपरा को बनाए रखते हुए मंडल लक्ष्यों की प्राप्त कर नए कीर्तिमान स्थापित करता आया है. ऐसे में टाटानगर में उनके आगमन से कर्मचारियों में यह उम्मीद जगी है कि उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल की जायेगी. इसके बाद जीएम को यूनियन की ओर शिकायतों का स्मार पत्र सौंपा गया. इसमें रेलवे कॉलाेनियों की सुरक्षा, पेयजल, सड़क, सफाई, मेडिकल समेत कई मांगों को रखा गया है.
यूनियन ने बड़ी समस्या के रूप में रेलवे कॉलोनियों में अवैध कब्जे को चिह्नित किया है. इसमें कहा गया है कि मंडल के रेलवे आवासों एवं कॉलोनियों में सुरक्षा की स्थिति काफी खराब है. विशेष कर टाटानगर रेलवे कॉलोनियों में अवैध रूप से रेलवे क्वार्टरों पर कब्जा है. असामाजिक एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोग यहां रह कर भय एवं असुरक्षा का वातावरण बना रहे हैं. अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध इंजीनियरिंग विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा. कॉलोनियों में चोरी एवं आपराधिक घटनाएं घटित हो रही है. ऐसे में रेलवे कॉलाेनियों से अवैध कब्जा हटाने का अभियान चलाकर कर्मचारी परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गयी है.
यूनियन ने स्पष्ट कहां है कि रेल आवासों की दीवारों पर पेड़-पौधे उग आए हैं, नालियां एवं सेफ्टी टैंक टूटे-फूटे है. रखरखाव के अभाव में सिपेज की गंभीर समस्या है. स्वच्छता के अभाव में बीमारियों पनप रही. कॉलोनियों की सड़क, रोड लाइट एवं जल निकासी की समस्याएं गंभीर हैं. यहां आपूर्ति किया जा रहा पानी पानी पीने योग्य नहीं है. जीएम से मिलने वालों में केंद्रीय पदाधिकारी शिवजी शर्मा, जवाहरलाल, मंडल संयोजक एमके सिंह, एके सिंह समेत अन्य लोग शामिल थे.
यूनियन की मांगें
1. चक्रधरपुर मंडल के रेल आवासों की दयनीय स्थिति एवं सुरक्षा व्यवस्था चिंतनीय
2. HRA (House Rent Allowance) भुगतान- मंडल के जिन कर्मचारियों को रेलवे क्वार्टर आवंटित नहीं हो पाए हैं, उन्हें नियमानुसार HRA (House Rent Allowance) का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके.
3. जुरूलडीह एवं सरडेगा स्टेशनों पर रेल आवास – मंडल के जुरूलडीह एवं सरडेगा स्टेशनों पर कार्यरत कर्मचारियों हेतु रेलवे आवास उपलब्ध नहीं हैं. अतः वहां नए रेल आवासों के निर्माण की व्यवस्था की जाए.
4. रेलवे अस्पतालों एवं हेल्थ यूनिटों में डॉक्टरों की कमी – मंडल के अधिकांश रेलवे अस्पतालों एवं हेल्थ यूनिटों में डॉक्टरों एवं आवश्यक जांच सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को निजी अस्पतालों में भारी खर्च कर इलाज कराना पड़ता है. केवल टाटानगर रेलवे अस्पताल में लगभग 17000 उम्मीद कार्डधारक एवं पेंशनर्स हैं, जबकि पूरे मंडल में यह संख्या 25000 से अधिक है. झारसुगुड़ा, सीनी एवं आदित्यपुर हेल्थ यूनिट में एक भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं है. अतः सभी अस्पतालों एवं हेल्थ यूनिटों में पर्याप्त डॉक्टर, विशेषज्ञ चिकित्सक एवं जांच सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाए.
5. रनिंग रूम में भोजन की गुणवत्ता – मंडल के अधिकांश रनिंग रूम में भोजन की गुणवत्ता अत्यंत खराब है, जिससे रनिंग कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. अतः गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने हेतु रनिंग रूम व्यवस्था को अविलंब सुदृढ़ किया जाए.
6. शुद्ध पेयजल की व्यवस्था – मंडल के सभी कार्यस्थलों, स्टेशनों एवं डिपो में कर्मचारियों के लिए शुद्ध एवं शीतल RO पेयजल की व्यवस्था की जाए, ताकि भीषण गर्मी में कार्यरत कर्मचारियों को राहत मिल सके.
7. रनिंग कर्मचारियों के कार्य घंटे – रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार रनिंग कर्मचारियों के कार्य घंटों को सीमित किया जाए, ताकि अत्यधिक मानसिक एवं शारीरिक दबाव कम हो तथा सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित किया जा सके.
8. लंबित TA/OT भुगतान – मंडल के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का लंबित TA/OT भुगतान शीघ्र किया जाए तथा प्रत्येक माह नियमित भुगतान हेतु स्थायी एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
9. लंबित प्रमोशन एवं रिक्त पदों पर बहाली – मंडल के कई विभागों में समय पर शेड्यूल प्रमोशन नहीं दिए जाने के कारण कर्मचारी वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत हैं, जिससे उनमें असंतोष व्याप्त है. अतः लंबित प्रमोशन का शीघ्र निष्पादन किया जाए तथा सेफ्टी कैटेगरी से जुड़े रिक्त पदों पर जल्द बहाली सुनिश्चित की जाए.
10. सभी लोकोमोटिव के ड्राइविंग कैब में AC की व्यवस्था – सभी इलेक्ट्रिक एवं डीजल लोकोमोटिव के ड्राइविंग कैब में AC लगाने की व्यवस्था की जाए, ताकि चालक एवं सहचालक को अत्यधिक गर्मी से राहत मिल सके तथा सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित हो सके.
11. मंडल के सभी कार्यालयों में एयर कूलर की व्यवस्था – भीषण गर्मी को देखते हुए मंडल के विभिन्न कार्यालयों, डिपो एवं कार्यस्थलों में कार्यरत कर्मचारियों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कई कार्यालयों में पर्याप्त वेंटिलेशन एवं शीतलन व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. अतः कर्मचारियों को राहत प्रदान करने एवं बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने हेतु मंडल के सभी कार्यालयों एवं कार्यस्थलों में एयर कूलर की समुचित व्यवस्था की जाए.



















































































