- RPF इंस्पेक्टर, सिपाही और अधिकारियों को सद्बुद्धि के लिए UMRKS करायेगा हनुमान चालीसा और सुंदर कांड का पाठ
PRAYAGRAJ. उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ के नेताओं और सुरक्षा बलों के बीच बुधवार को तब टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गयी जब आरपीएफ ने UMRKS के नेताओं को मुख्यालय गेट के भीतर जाने से रोक दिया. घटना लगभग 1:30 बजे की है. भारतीय रेल मजदूर संघ के आह्वान पर कर्मचारी संघ विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलित है और आज उनका जीएम को ज्ञापन देने का कार्यक्रम निर्धारित था.
हालांकि मुख्यालय के गेट पर ज्ञापन देने पहुंचे नेताओं की गाड़ी को RPF इंस्पेक्टर प्रवीण सिंह ने भीतर स्टैंड तक ले जाने से भी रोक दिया. जब नेता गाड़ी से उतरकर पैदल जाने लगे तब भी उन्हें जाने नहीं दिया गया. आरोप है कि इंस्पेक्टर के अलावा आरपीएफ के जवानों ने UMRKS के नेताओंसे बदसलूकी की. हालांकि इसकी शिकायत आरपीएफ के अधिकारियों को दी गयी लेकिन इंस्पेक्टर प्रवीण सिंह अड़े रहे. नेताओं का आरोप है कि आरपीएफ इंस्पेक्टर ने कहा कि ”तुम सब होगे किसी यूनियन से, मुझे किसी का डर नहीं है कोई भी बड़ा अधिकारी और रेल मंत्री ही क्यों ना आदेश किया हो मै जाने नहीं दूंगा”.
नेताओं का कहना है कि सिस्टम बाहर जाकर आरपीएफ इंस्पेक्टर ने आपत्तिजनक टिप्पणी की और यहां तक कह दिया गया ”जाकर बता देना, लाठी मार के भगाऊंगा”. संघ के नेताओं ने बयान जारी कर बताया कि रेल प्रशासन ने संघ विरोधी कांग्रेसी, वामपंथी अधिकारियों की सोची समझी रणनीति और साजिश के तहत उनके धरना-प्रदर्शन को विफल करने के लिए नीति के तहत यह सब किया है.
हालांकि आरपीएफ के रोके जाने के बाद यूनियन नेता गेट पर ही जमीन पर धरना देकर बैठ गये और भारत माता की जय, वंदे मातरम के नारे लगाने लगे. संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार है. उन्हें ज्ञापन देने से रोका गया. महामंत्री रूपम पाण्डेय ने आरोप लगाया कि कार्यालय में जाने से रोकने का कोई लिखित आदेश नहीं था, सिर्फ एक व्यक्ति की ओछी मानसिकता और दूसरे यूनियन के दबाव में यह सब किया गया. संघ ने चेताया है कि अगर आरोपियों पर कार्यवाही नहीं की गई तो मुख्यालय गेट पर आंदोलन किया जाएगा.
UMRKS ने जारी बयान में कहा कि RPF इंस्पेक्टर, सिपाही और अधिकारियों को भगवान सद्बुद्धि प्रदान करे, इसके लिए वह हनुमान चालीसा और सुंदर कांड का पाठ करेंगे. इस मौके पर श्यामजी शुक्ला, संतोष शर्मा, सभाजीत चौबे, अमरेंद्र तिवारी, अजय सिंह, संदीप, राजकुमार, आदि रहे शामिल थे.



















































































