- खंडवा में मालगाड़ी के वैगन से हुआ था एलपीजी गैस का रिसाव
BHOPAL. मध्य प्रदेश के खंडवा रेलवे स्टेशन के आउटर पर रविवार रात एलपीजी गैस से भरी मालगाड़ी के एक वैगन में रिसाव को रोकने के लिए रेलवे को डिजास्टर मैनेजमेंट टीम की मदद लेनी पड़ी. तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद हालात पर काबू पाया जा सका. इस तरह एक बड़ा हादसा टल गया. महाराष्ट्र के पनवेल से जबलपुर (भिटौनी) जा रही भारत पेट्रोलियम की मालगाड़ी में 32 वैगनों में एलपीजी लोड था. अगर यहां कोई अनहोनी होती तो बड़ा हादसा तय था. जिला कलेक्टर ने माना कि एक वैगन में इतनी गैस भरी रहती है कि, यदि हादसा होता तो पूरा शहर दहल सकता था.
रेलव के एक कर्मचारी ने तेज गंध के बाद गैस लिकेज की जानकारी अधिकारियों को दी. इसके बाद रेलवे केअलावा जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता से लेकर एसपी मनोज कुमार राय तक मौके पर पहुंचे. पूरे क्षेत्र की सुरक्षा घेराबंदी की गयी. लोगों की आवाजाही रोक दी गई थी. इसके बाद तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम ने चलाया. लीकेज वाले 1 वैगन को बाकी 31 वैगन से अलग कर आइसोलेट किया गया.
एहतियात के तौर पर लीकेज वाले वैगन को गीले बारदान (बोरियों) और गीली बालू रेत से ढंक दिया गया. लीकेज वैगन को अलग करने और स्थिति को सुरक्षित करने में 3 घंटे लग गये. इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया और बाकी 31 वैगन वाली ट्रेन को जबलपुर रवाना किया गया. इस दौरान ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह ठप कर दी गयी है. इस दौरान रेलवे की पूरी टीम मौके पर मौजूद रही.
यहां पहुंचे जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि, 32 वैगन वाली ट्रेन में एलपीजी गैस भरी हुई थी. एक वैगन में लीकेज पाया गया. जिसे आइसोलेट करके फर्स्ट एड के रूप में गीली बोरियों से ढ़का गया हैं. औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से टेक्निकल टीम को बुलाया गया है. टीम वहां से रवाना हो गई हैं. एक वैगन में इतनी गैस भरी रहती है कि, यदि हादसा होता तो पूरा शहर दहल सकता था.


















































































