- बिना अधिसूचना के ही ऑपरेटिंग पुल के क्वार्टर करा लिये गये थे आवंटित
- एडीआरएम के आदेश पर हुई जांच, सीनियर डीपीओ ने जारी किया आदेश
Fraud in railway quarter allocation. चक्रधरपुर रेलमंडल के डांगोवापाेसी में क्वार्टर आवंटन में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद चार आवासों के आवंटन रद्द कर दिया गया है. ऑपरेटिंग पुल के चारों आवास बिना अधिसूचना जारी किये ही क्वार्टर कमेटी की मिलीभगत से चुनिंदा लोगों को आवंटित कर दिये गये थे. आवंटियों में एक एएआरएम का लिपिक जबकि तीन अन्य यूनियन से जुड़े लोग थे. मामला सामने आने के बाद इसे दबाने का पूरा प्रयास किया गया लेकिन पूरे मामले में रेलवे मेंस कांग्रेस ने सार्थक विपक्ष की भूमिका निभायी और मामले को एडीआरएम तक पहुंचाया.
एडीआरएम ऑपरेशन विनय कुजूर ने मामले की जांच करायी तो शिकायत सही पायी गयी. बिना अधिसूचना के डांगोवापोशी में ऑपरेटिंग विभाग के टाइप टू क्वार्टर संख्या बी/115/1, बी/78/1, टी/4/1 और टाइप वन क्वार्टर संख्या ए/25/2 का आवंटन किया जा चुका था. बताया जाता है कि डांगोवापाशी में क्वार्टरों की कमी है और आवंटन में सीनियरिटी का पालन नहीं किये जाने से आवास की आस में बैठे रेलकर्मी नाराज और निराश थे. उन्होंने इसकी ज्वाइंट अपील भी की थी.
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एडीआरएम विनय कुजूर ने क्वार्टर आवंटन में मिलीभगत के आरोपी क्वार्टर कमेटी के सदस्यों को मुख्यालय तलब कर फटकार जरूर लगायी लेकिन अब तक आवंटर फर्जीवाड़े में न तो किसी की जिम्मेदारी नहीं तय की गयी है न ही किसी पर कोई कार्रवाई की गयी है. ऐसा माना जा रहा है कि क्वार्टर कमेटी के सदस्यों ने इस मामले में स्वयं भी आवास लाभ लेने वाले एएआरएम लिपिक को “बली का बकरा” बनाकर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर लिया है. बुधवार को सीनियर डीपीओ ऋषभ सिन्हा ने आवंटित चारों क्वार्टरों का आवंटन रद्द करने का आदेश जारी कर दिया.
मान्यता प्राप्त संगठन सिस्टम खराब कर रही, मेंस कांग्रेस करेगा विरोध : शशि मिश्रा
रेलवे मेंस कांग्रेस के नेता शशि मिश्रा ने फर्जी तरीके से आवंटित क्वार्टर के रद्द होने को संतोष जताया. उन्होंने रेलहंट को बताया कि डांगोवापोशी में क्वार्टर के लिए लम्बी लाइन है. ऐसे में अर्हता रखने वाले को क्वार्टर नहीं मिलेगा असंतोष स्वभाविक है. एडीआरएम ने जांच कराकर गलत आवंटन को रद्द कराया यह बेहतर कदम है लेकिन रेल प्रशासन को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करानी होगी ताकि रेल मंडल में कहीं भी क्वार्टर कमेटी की मिलीभगत से इस तरह आवंटन को रोका जा सके. रेलवे मेंस कांग्रेस मान्यता प्राप्त संगठन के सिस्टम ख़राब करने की हर कोशिश का हर स्तर पर विरोध करेगी.
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