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SER : चक्रधरपुर रेलमंडल में एसीएम बनकर लौटे एके सिंह, लिया प्रभार, बबन कुमार गये खड़गपुर

  • 9 सितंबर 2025 को जारी हुआ था आदेश, विरमित होने में लग गये एक माह

CKP/KGP. चक्रधरपुर रेलमंडल में लगभग पांच साल के अंतराल के बाद आशुतोष कुमार सिंह (AK SINGH) की बतौर ACM (सहायक वाणिज्य प्रबंधक) वापसी हुई है. सोमवार को एके सिंह ने मंडल मुख्यालय में विधिवत प्रभार संभाल लिया. इसके साथ ही निर्वतमान ACM बबन कुमार चक्रधरपुर रेलमंडल से रिलीज हो गये. उनका तबादला खड़गपुर डिवीजन में किया गया था. हालांकि कॉमर्शियल विभाग में कुल नौ ACM का पोस्टिंग ऑर्डर 9 सितंबर 2025 को जारी किया गया था, जिसमें सभी लोग एक-दो दिन में निर्धारित नये स्थान पर ज्वाइन कर चुके थे.

सिर्फ एके सिंह और बबन कुमार की ज्वाइनिंग में एक माह से अधिक का समय लगा. दोनों को अपने-अपने मूल स्थान से विरमित नहीं किया जा रहा था. तब इस बात की चर्चा शुरू हो गयी थी कि क्या SER जोन में कार्य दक्ष सिर्फ दो ACM ही है जिनके ऊपर ऐसी अहम जिम्मेदारी है कि उनके बिना डिवीजन का काम नहीं चल पा रहा  ? सोमवार 13 अक्टूबर 2025 को आशुतोष कुमार सिंह ने चक्रधरपुर रेलमंडल (Chakradharpur Railway Division) के नये एसीएम का प्रभार संभाल लिया है. उनकी जगह बबन कुमार को खड़गपुर भेजा गया है. जल्द ही बबन कुमार भी खड़गपुर में प्रभार ले लेंगे. बबन कुमार पहले भी खड़गपुर डिवीजन में एसीएम का दायित्व निभा चुके है. आज उन्हें भी चक्रधरपुर से विदाई दी गयी. इस मौके पर सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने उन्हें मोमेंटो प्रदान किया.

यह भी पढ़ें : SER : चक्रधरपुर रेलमंडल के नये एसीएम होंगे एकेसिंह, खड़गपुर भेजे गये बबन कुमार, धर्मवीर गये रांची

आशुतोष कुमार सिंह के लिए चक्रधरपुर रेलमंडल नया नहीं है ACM में पदोन्नति से पूर्व वह बतौर सीसीआई डिवीजन के टाटानगर समेत कई स्टेशनों पर काम कर चुके हैं. सीसीआई रहते वह डिवीजन में मंसूर के बाद वह सबसे सीनियर थे. सीसीआई से ही उनकी पदोन्नति एसीएम में हुई थी. तब उनकी पहली पोस्टिंग खड़गपुर डिवीजन में हुई थी. वहां वह पांच साल से अधिक समय तक पदस्थापित रहे. सीकेपी डिवीजन में एसीएम बनकर उनकी वापसी हुई है. यहां उनके अनुभव का लाभ विभाग को मिलेगा. हालांकि एके सिंह की डिवीजन में पोस्टिंग ऐसे समय में हो रही है जबकि यहां भ्रष्टाचार के मामले में तीन-तीन रेलकर्मी जेल जा चुके है, जो वर्तमान में जमानत पर है और उनके खिलाफ जांच जारी है.

यही नहीं डिवीजन कॉमर्शियल विभाग में अनियमितता के 50 से अधिक मामले चल रहे है. चूंकि अनियमितताओं की मॉनिटरिंग में एसीएम और सीसीआई की भूमिका अहम होती है. यही कारण है कि चक्रधरपुर में नये एसीएम की पोस्टिंग पर सबकी नजरें टिकी थी. माना जा रहा है कि प्रशासनिक रूप से दक्ष और कार्यप्रणाली में सजग रहने वाले एके सिंह के लिए इस बार उनके जाने-पहचाने डिवीजन और विभाग में पहले से कई चुनौतियां मुंह बायें खड़ी है.

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