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चक्रधरपुर डिवीजन में C & W कर्मचारियों को नहीं मिल रहे सुरक्षा जूते, 2016 से बंद है आपूर्ति !

  • डीपीआरएमएस ने सुरक्षा पहलू की ओर चक्रधरपुर रेल मंडल के वरीय अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया 

ROURKELA. चक्रधरपुर रेलमंडल के सी एंड डब्ल्यू कर्मचारियों को सुरक्षा जूते उपलब्ध नहीं कराये जा रहे हैं. 2016 के बाद से कर्मचारी बिना किसी सुरक्षा जोखिम में अपना कार्य दायित्व का निष्पादन कर रहे हैं. यह माना जा जाता है कि 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों के आलोक में वर्दी भत्ते की शुरुआत के बाद  सुरक्षा जूतों की लागत में पोशाक सामग्री के भी शामिल होने से उत्पन्न गतिरोध के कारण  2016 से ही सी एंड डब्ल्यू कर्मचारियों को सुरक्षा जूतों की आपूर्ति बंद कर दी गई है. तब ये ये रेलकर्मी बिना सुरक्षा जूता के ही जोखिम की स्थिति में कार्य दायित्व का निष्पादन कर रहे हैं.

रेलवे यूनियनों की चुनाव तैयारियों के बीच डीपीआरएमएस ने इस अहम सुरक्षा पहलू की ओर चक्रधरपुर मंडल के सीनियर डीएमई राजीव रंजन रशिक और सीनियर डीईई (टाटा) विनोद कुमार का ध्यान आकर्षित कराया है. दक्षिण पूर्व रेलवे मजदूर संघ के चक्रधरपुर मंडल संयोजक अजय कुमार ने झा ने दोनों अधिकारियों को बताया कि किसी तरह कैरिज और वैगन शेड में जोखिम वाली स्थिति में कर्मचारी अपना काम कर है जहां हमेशा ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना होने की संभावना बनी रहती है.

उन्होंने अपने पत्र में बताया है  कि सुरक्षा जूते कार्यस्थल पर विभिन्न खतरनाक और हानिकारक कारकों से कर्मचारी की रक्षा करते हैं. पैरों को कुचलने और प्रभाव, चोटों से लेकर फिसलन, कटने, घुसने वाले घावों, बिजली के झटके और तरल पदार्थ और पिघले हुए पदार्थों के छींटों से होने वाले जोखिमों से उनकी रक्षा के लिए सुरक्षा जूतों का होना आवश्यक है. सुरक्षा मानदंड के रूप में नियोक्ता कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ कार्य स्थान प्रदान करने के लिए जिम्मेदार हैं और साथ ही यह कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे कार्यस्थल के खतरों से खुद को बचाने के लिए पीपीई किट का सही और सावधानी से उपयोग करें.

मंडल संयोजक ने सीनियर डीएमई को यह भी बताया कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों से पहले, कैरिज एंड वैगन विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों को उनके व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट के हिस्से के रूप में सुरक्षा जूते की आपूर्ति की जा रही थी. लेकिन 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों के आलोक में वर्दी भत्ते की शुरुआत के बाद कुछ शब्दों की गलत व्याख्या के कारण इसकी आपूर्ति बंद हो गयी. 2016 के बाद से सी एंड डब्ल्यू कर्मचारियों को सुरक्षा जूतों की आपूर्ति नहीं हो रही है.

डीपीआरएमएस ने सी एंड डब्ल्यू विभाग में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को यथाशीघ्र सुरक्षा जूते उपलब्ध कराने की मांग की है. इस मुद्दे को सीकेपी सीनियर डीएसओ, मुख्यालय के पीसीएमई व सीएसओ के समक्ष भी उठाया गया है. इस मामले को डीपीआरएमएस ने सीनियर डीईई बंडामुंडा और राउरकेला टीआरएस के सामने भी उठाया है.

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