- रेल परिचालन के GR नियमों की अलग-अलग व्याख्या कर रहे रेल अधिकारी, AILRSA ने जतायी आपत्ति
- GR 3.45 और G&SR के नियमों को दरकिनार कर लोको पायलटों पर ट्रेन चलाने का बनाया जा रहा दबाव
बालासोर रेल हादसे के बाद ट्रेनों का सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित कराने को लेकर जो गंभीर आदेश रेलवे बोर्ड स्तर पर जारी किये गये वह धीरे-धीरे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की होड़ में रद्दी की टोकरी में डाले जा रहे हैं. लगभग हर बड़े स्टेशन पर उच्चाधिकारियों के मौखिक आदेश पर ट्रेनों का परिचालन तेजी से कराने के लिए सेफ्टी नियमों को रद्दी की टोकरी में डालने से भी परहेज नहीं किया जा रहा. ऐसे बताया जा रहा कि लोको पायलटों पर नियमों के विपरीत ट्रेन चलाने का दबाव बनाया जा रहा है जो जोखिम को बढ़ा रहा है.
नया मामला उत्तर रेलवे के लखनऊ रेलमंडल में वाराणसी का सामने आया है. यहां दो लोको पायलटों को सिर्फ इसलिए लंबे समय से निलंबित कर रखा गया है कि उन्होंने कॉलिंग ऑन सिग्नल के नियमों का दुरुपयोग करने से इंकार कर दिया. इससे ट्रेन विलंब हो गयी और अधिकारियों की कोप की गाज लोको पायलट A k Shrivastava BSB/LKO/NR और Sr.Alp- Adarsh Kumar Gupta BSB/LKO/NR पर गिरी. आनन-फानन में ट्रेन विलंब के लिए दोनों को जिम्मेदार ठहराते हुए निलंबित कर दिया गया और जांच बैठा दी गयी. हालांकि जानकारों का कहना है कि दोनों लोको पायलटों ने नियमों के अनुसार काम किया और कॉलिंग ऑन सिग्नल को लेकर स्थापित नियम GR 3.45 का उल्लंघन करने का इंकार कर दिया. यह बात उनके लिए भारी पड़ गयी और अब दोनों निलंबन का दंश झेलने को मजबूर है.
घटना 3 अप्रैल 2024 की बतायी जा रही है. ट्रेन संख्या 13006 को वाराणसी Pf No. 05 से स्टार्टर सिगनल ऑफ करके चलाया गया तथा रूटिंग स्टार्टर (S-14) पर गाड़ी खड़ी होने से पहले ही (रनिंग कंडिशन) कॉलिंग ऑन सिग्नल को ऑफ कर दिया गया था. लोको पायलटों ने इसे GR 3.45 का उल्लंघन बताया और कहा कि गाड़ी खड़ी होने के बाद कॉलिंग ऑन सिग्नल को ऑन करके पुनः ऑफ किया जाये. लेकिन ऑपरेटिंग के डिप्टी एसएस ने G&SR के नियमों को दरकिनार कर गाड़ी उसी स्थिति में चलाने के लिए लोको पायलट पर दबाव बनाया. इसे लेकर विवाद में ट्रेन लेट हो गयी और दोनों चालकों को निलंबित कर रखा गया है.
यहां यह बात अधिकारियों के संज्ञान में लाने वाली है कि वाराणसी स्टेशन पर गाड़ियों को गति देने के लिए लगातार कॉलिंग ऑन सिग्नल का प्रयोग GR 3.45, GR 3.70 के विरोध में किया जा रहा है. यह आने वाले समय में एक वृहद दुर्घटना को निमंत्रित कर रहा. पूरे मामले की जांच सीनियर डीएसओ कर रहे है. देर से ही सही सच्चाई सामने आयेगी. हालांकि पूरे मामले में AILRSA/LKO/NR ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए सीनियर डीएसओ से लेकर तमाम अधिकारियों तक बात पहुंचायी है कि किस तरह सेफ्टी का उल्लंघन कर ट्रेनों को चलाया जा रहा है. यह सब प्लेटफॉर्म पर जल्द ट्रेन को लाने और निकालने के लिए किया जा रहा है. AILRSA के मंडल सचिव संतोष सिंह हाडा ने अपनी बात प्रबंधन के सामने रखते हुए कॉलिंग ऑन सिग्नल का दुरुपयोग जनहित में रोकने की गुहार लगायी है.
AILRSA द्वारा LKO/NR प्रशासन को भेजा गया पत्र

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