राष्ट्रीय रेल पुरस्कार में एक पदक, योग्यता प्रमाण-पत्र और सराहनीय कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र के साथ ही डॉ पाटिल को ₹10,000 का नकद पुरस्कार महाप्रबंधक श्री लाहोटी के हाथों प्रदान किया गया. वर्ष 2008 से जेआरएच में सेवारत डॉ पाटिल वर्तमान में जेआरएच की पैथालोजी लैब, ब्लड बैंक एवं आरटीपीसीआर विभाग के प्रमुख हैं.
जेआरएच देश के सबसे बड़े रेलवे अस्पतालों में से एक है. कोरोनाकाल में जेआरएच ने सैकड़ों रेलकर्मियों के साथ ही मुंबई के हजारों कोरोना मरीजों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई थी.डॉ योगानंद पाटिल की देखरेख में अत्याधुनिक लैब एवं ब्लड बैंक की स्थापना जेआरएच में हुई है. इसे एनएबीएल की मान्यता भी मिली है.
भारतीय रेल में एडवांस टेक्नोलॉजी वाली लैब स्थापित करने में डॉ योगानंद पाटिल का सराहनीय योगदान रहा है. इसका लाभ जेआरएच के साथ ही मुंबई के अन्य रेलवे एवं निजी अस्पतालों को भी हो रहा है.
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