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ट्रैकमेंटेनरों का विरोध फेडरेशनों के लिए खतरे की घंटी, देश भर से चार लाख ट्वीट का दावा

  • रेलवे में विभागों के विलय की मुहिम को ट्रैकमेंटनेर का मिला साथ

रेलहंट ब्यूरो, नई दिल्ली

रेल मंत्रालय की विभागों के विलय और मल्टी स्कील योजना का भले ही दोनों फेडेरशन विरोध कर रही है लेकिन इसे ट्रैकमेंटेरो का पूरा साथ मिला है. रेलवे द्वारा की गयी रायशुमारी में देश के 4 लाख से अधिक ट्रैकमेंटेनरों ने ट्वीट ओर री-ट्वीट कर विभाग विलय पर अपनी मुहर लगायी है. हालांकि रेलवे की यूनियन इसका विरोध भी कर रही है. दोनों के अपने-अपने तर्क है.

जहां योजना का विरोध कर रहे ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा का कहना है कि इससे रेलकर्मियों पर कार्य का दबाव बढ़ेगा और स्वभाविक रूप से कर्मचारियों की छटनी का मार्ग प्रशस्त होगा. दूसरी ओर हमेशा से उपेक्षित महसूस करने वाले रेलवे ट्रैक मेंटेनर इस बार फेडरेशन नेताओं की बात को मानने को तैयार नहीं है. योजना के समर्थन में खड़े रेलवे ट्रैकमेंटेनरों का तर्क है कि उनके साथ हमेशा से ही अन्याय और दोहरे दर्जे का व्यवहार किया गया है. इसलिए इस मौके को वह नहीं गवायेंगे और मल्टी स्कील योजना का हिस्सा बनकर वह अपने कैरियर को आगे बढ़ायेंगे.

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा का कहना है कि रेलवे की इस योजना से रेलकर्मियों पर कार्य का दबाव बढ़ेगा और स्वभाविक रूप से कर्मचारियों की छटनी का मार्ग प्रशस्त होगा.

पश्चिम मध्य रेलवे, रेल कर्मचारी ट्रैकमैन एसोसिएशन (RKTA) के जोनल महामंत्री अनिल सैनी ने एक बयान जारी कर बताया कि रेलवे में ट्रेड यूनियनों ने हमेशा ही ट्रैकमैन वर्ग को धोखे में रखने का काम किया है, लेकिन आज का ट्रैकमैन शिक्षित है वो विभागों के विलय में अपना भविष्य देख रहा है. अब ट्रैकमैन इन यूनियनों की चिकनी-चुपड़ी बातों में नही आने वाला.

पश्चिम मध्य रेलवे, रेल कर्मचारी ट्रैकमैन एसोसिएशन (RKTA) के जोनल महामंत्री अनिल सैनी का कहना है कि ट्रेड यूनियनों ने हमेशा ही ट्रैकमैन वर्ग को धोखे में रखा. विभागों के विलय में अपना भविष्य देख रहे ट्रैकमैन अब यूनियनों की बातों में नही आने वाला.

WCR से RKTA के मीडिया सेल के प्रभारी योगेंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में सम्पूर्ण भारत के ट्रैकमनो ने WE SUPPORT MULTISKILLING AND MARGER OF CADER की मुहिम ट्विटर और मेल के माध्यम से चलाई. इसका सफलता इसी बात से पता चलती है कि 4 लाख से अधिक ट्वीट ओर मेल भारत सरकार, रेल मंत्रालय, श्रम मंत्रालय और पीएमओ कार्यालय को भेजे गये. Wcr के जोनल महामंत्री अनिल सैनी ने ट्रैकमैन साथियो द्वारा इस मुहिम में एकता दिखाने ओर इस ट्विटर ट्रैड की मुहिम को सफल बनाने के सम्पूर्ण भारत के ट्रैकमनों का आभार जताया है. उन्होंने कहा कि ट्रैकमैन साथियो ने ट्वीटर ट्रैड के माध्यम से रेलवे में ट्रैकमैन विरोधी यूनियनों के तख्त हिला दी है. भविष्य में भी इस एकता को कायम रखना होगा.

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