Connect with us

Hi, what are you looking for?

Rail Hunt

जोन/बोर्ड/डिवीजन

TATANAGAR : बागबेड़ा रेलवे स्कूल बना ‘डिवीजनल मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर’, SER जीएम ने किया उद्घाटन

  • 31 मार्च को रिटायर हो रहे जीएम अनिल कुमार मिश्रा, चक्रधरपुर में आज कई कार्यक्रम व निरीक्षण में होंगे शामिल 
  • 2.5 करोड़ खर्च कर तैयार किया गया प्रशिक्षण संस्थान, डिजिटल इंटरेक्ट पैनल, आधुनिक मशीनरी युक्त होगा लैब
  • कैंपस वाई-फाई से युक्त, एक छत के नीचे इलेक्ट्रिकल, ऑपरेशन, मैकेनिकल, एसएंटी के रेलकर्मी लेंगे प्रशिक्षण

TATANAGAR. टाटानगर रेलवे स्टेशन के बागबेड़ा में स्थापित बहुचर्चित रेलवे हाई स्कूल को नयी पहचान मिली है. यहां चक्रधरपुर रेल मंडल ने मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर (बहुविषयक मंडल प्रशिक्षण संस्थान)  की स्थापना की है जिसका औपचारिकत उद्घाटन सोमवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के जीएम अनिल कुमार मिश्रा ने किया. इस मौके पर डीआरएम तरुण हुरिया, प्रिंसिपल पर्सनल ऑफिसर डॉ. महुआ समेत रेलवे के विभागीय अधिकारी मौजूद थे. रेलवे स्कूल के पुराने भवन को ही मॉडिफाइल कर उसे मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर (MDTTC) का रूप दिया गया है. इस पर 2.5 करोड़ की लागत आयी है.

चक्रधरपुर रेलमंडल का डिवीजन ट्रेनिंग सेंटर बना बागबेड़ा रेलवे स्कूल

टाटानगर में रेलवे का जोनल के बाद डिवीजनल स्तर पर यह नया मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर हो गया है. इसे इस तरह डिजाइन किया गया है, जहां वर्तमान में कार्यरत सभी विभागों के कर्मचारियों का कौशल विकास तो होगा ही साथ ही रेलवे रि-क्रूटमेंट बोर्ड से आने वाले नए कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जा सकेगा. प्रशिक्षण संस्थान में रेलवे के इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन के रेलकर्मियों को एक ही छत के नीचे प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी.

यहां कर्मचारियों के लिए कंप्यूटर बेस्ड ट्रेनिंग (CBT) की सुविधा होगी. आधुनिक कंप्यूटर लैब, मॉडल बोगी, ट्रैक सिस्टम, शंटिंग प्वाइंट और क्रॉसिंग से जुड़े प्रैक्टिकल प्रशिक्षण की भी व्यवस्था बाहरी मैदानी हिस्से में की गयी है. इस ट्रेनिंग में रेलकर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रबंधन संस्थान XLRI से MOU भी किया गया है. ऐसा रेलवे जोन स्तर पर पहली बार हुआ है. जीएम ने ट्रेनिंग सेंटर के उदघाटन के बाद यहां बनाये जाने वाले हॉस्टल और दूसरे प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया.

समय के साथ रेलकर्मियों को तकनीकी दक्षता के लिए प्रशिक्षण संस्थान बनाये जा रहे : जीएम 

इस मौके पर जीएम अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि रेलवे में तेजी से आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा. ऐसे में कर्मचारियों का उससे अवगत कराना और तकनीकी रूप से दक्ष बनाना जरूरी है. इसी को ध्यान में रखकर यह प्रशिक्षण संस्थान बनाया गया है. रेलवे के सभी डिवीजन में ऐसे मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर बनाये जायेंगे. जीएम ने बताया कि गति शक्ति प्रोजेक्ट के तहत टाटानगर रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट का प्लान तेजी से जमीन पर उतारा जा रहा है. उन्होंने कहा कि ढाई साल में नई बिल्डिंग बनाकर तैयार हो जायेगी. कहा कि यार्ड री-मॉडलिंग का कार्य भी मई से शुरू हो जायेगा. इससे ट्रेनों का संचालन सुचारु होगा तथा यात्री ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा.

जीएम अनिल कुमार मिश्रा का होगा अंतिम निरीक्षण, चक्रधरपुर में फेयरवेल 

जीएम अनिल कुमार मिश्रा 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे है. यह माना जा रहा है कि टाटानगर और चक्रधरपुर में उनका यह अंतिम निरीक्षण व कार्यक्रम हो सकता है. इस क्रम में अनिल कुमार मिश्रा टाटा से विंडा ट्रेलिंग निरीक्षण करते हुए सीनी पहुंचेगे. यहां वह जोनल ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट का निरीक्षण करेंगे. यहां भी वह चक्रधरपुर तक फिर से निरीक्षण करते हुए पहुंचेंगे. यहां DRH/CKP में वह ऑपरेशन थियेटर का निरीक्षण करेंगे. यहीं से जीएम ऑनलाइन झारसुगुड़ा में स्थापित TMS का उद्घाटन करेंगे. चक्रधरपुर में ही जीएम अनिल कुमार मिश्रा के लिए ऑफिसर्स क्लब में रंगारंग कार्यक्रम आयेाजित किया गया है. यहां से जीएम रात 10.30 बजे जोनल मुख्यालय गार्डेनरिच के लिए रवाना हो जायेंगे.

रेलवे स्कूल का सुनहरा रहा है इतिहास, यहां से निकले कई छात्र-छात्र रेलवे में बड़े ऑफिसर  

टाटानगर के बागबेड़ा में स्थित दक्षिण पूर्व रेलवे उच्च विद्यालय का इतिहास काफी गौरवशाली और सुनहरा रहा है. रेलवे स्कूल से पढ़े गई छात्र-छात्राएं आज भी देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे है. इसमें कई बच्चे आज भी रेलवे में आला ओहदे पर कार्यरत भी है. इसका प्रबंधन रेलवे के पास हुआ था. आज रेलवे स्कूल के बंद होने के बाद स्कूल भवन और यहां बड़े मैदान के भविष्य को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं थी. क्योंकि आज भी बागबेड़ा क्षेत्र के युवा इस मैदान में हर दिन सुबह-शाम खेलने-सैन्य बलों में बहाली के लिए दौड़ लगाने आते हैं. बागबेड़ा रेलवे स्कूल को ट्रेनिंग सेंटर के रूप में परिवर्तित होने से इसकी पहचान एक बार फिर से गौरवशाली इतिहास का हिस्सा बन गयी है.

Spread the love

अभी अभी

You May Also Like

न्यूज हंट

इमरजेंसी आरक्षण कोटा आवंटन में चल रहे गोलमाल की भी जांच कर रही है सीबीआई ठेकेदार से बकाया 8.50 लाख का लंबित बिल क्लीयर...

आरपीएफ-जीआरपी

दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस यूनियन के भोजूडीह ब्रांच का वर्किंग प्रेसिडेंट है रविंद्र कुमार  DHANBAD. सीबीआइ की टीम ने भोजूडीह रेलवे जंक्शन के बंगलोपाड़ा...

जोन/बोर्ड/डिवीजन

नये ज्वाइन टेक्नीशियन में ड्रॉपआउट रेट अधिक, वर्क प्रेशर-मेंटल स्ट्रेस से निपटने में आ रही मुश्किलें  50 परसेंट नए जॉइन करने वाले कुछ माह...

जोन/बोर्ड/डिवीजन

NEW DELHI. रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने 52 हफ्तों में 52 सुधारों की घोषणा की थी, लेकिन कई जोन से लेकर डिवीजन तक यह मजाक बनकर...