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SER : पानी के बीच इस रेलवे स्टेशन पर डंडा-बाल्टी से होती है टिकटों की खरीद-बिक्री, कारण जानकर होगी हैरानी…

  • अमृत भारत योजना में करोड़ों खर्च कर स्टेशनों के पुर्नविकास पर बड़ा सवाल खड़ा करता है लवण सत्याग्रह स्मारक रेलवे स्टेशन 

KHARAGPUR. खड़गपुर रेल मंडल अंतर्गत दीघा के रास्ते पर पड़ने वाला एक रेलवे स्टेशन लवण सत्याग्रह स्मारक  इन दिनों चर्चा के केंद्र बिंदु में हैं. दक्षिण पूर्व रेलवे के अंतर्गत आने वाला यह स्टेशन का नाम लवण सत्याग्रह आंदोलन की स्मृति में रखा गया था. लेकिन यहां यात्री सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है. वह भी ऐसे समय में जब रेलवे स्टेशनों के विकास के नाम पर करोड़ों की राशि खर्च कर रही है.

यहां यात्रियों की शिकायत है कि लंबे समय से स्टेशन की हालत बेहद खराब है . स्टेशन जाने वाली कच्ची सड़क पर अक्सर पानी भर जाता है जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को काफी कष्टप्रद स्थिति में वहां तक जाना पड़ता है. पर्यटन नगरी दीघा के रास्ते पर पड़ने की वजह से अधिकांश यात्री ट्रेन से यातायात पसंद करते हैं. क्योंकि बस या अन्य निजी वाहन का किराया काफी अधिक पड़ता है . चक्रवाती तूफान दाना के चलते हुई भारी बारिश के बाद स्टेशन एक बार फिर से पानी से घिर गया.

हल्की बारिश होते ही स्टेशन पर जाने वाले रास्ते पर जमा हो जाता है पानी

जमा पानी के चलते आलम यह हो गया कि रेलवे टिकट देने के लिए डंडा-बाल्टी का सहारा लेना पड़ा.  टिकट मांगने पर यहां तैनात कमीशन एजेंट डंडे में प्लास्टिक की बाल्टी फंसा कर आगे बढ़ाता है, जिसमें यात्री पैसे रख देते हैं. दूसरी ओर से टिकट और बाकी पैसे उन्हें उसी माध्यम  से मिल जाते है. पिछले कई दिनों से यह स्थिति कायम है, जिससे यात्रियों में खासी नाराजगी व्याप्त है.

सिर्फ टिकट लेने की ही दिक्कत नहीं, जरा सी बारिश में स्टेशन तक जाने वाली कच्ची सड़क पानी में डूब जाती है. जिससे यात्रियों को घुटने तक पानी से होते हुए स्टेशन तक जाना पड़ता है. इस परिस्थिति में महिलाओं और बुजुर्गों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

क्या कहते हैँ यात्री

हल्दिया – पांशकुड़ा- दीघा साउथ ईस्टर्न रेलवे पैसेंजर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव सरोज घारा कहते हैं की करीब 20 साल पहले इस स्टेशन का निर्माण हुआ था. लेकिन पिछले 7 – 8 साल से इस स्टेशन की हालत बेहद खराब है. अधिकारियों के संज्ञान में कई बार समस्या को लाया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. हमारी मांग है कि बांस का घेरा या लकड़ी के सहारे ऐसी व्यवस्था कर दी जाए कि यात्रियों की परेशानी कुछ कम हो सके. उन्होंने कमीशन एजेंट भरत कुमार दास के प्रति इस बात के लिए कृतज्ञता व्यक्त की कि यात्रियों को पानी में ना उतरना पड़े इसके लिए उन्होंने बाल्टी से टिकट देने का अभिनव तरीका अपनाया .

क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि

लवण सत्याग्रह स्मारक स्टेशन से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों से लेकर रेलवे बोर्ड यहां तक कि रेलवे मंत्रालय तक से संपर्क कर चुके हैं I आशा है जल्द ही समस्या का समाधान होगा
शिशिर अधिकारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व सांसद, कांथी

क्या कहते हैं अधिकारी

समस्या संज्ञान में है. दीर्घकालिक योजना के तहत कार्य कर इसका निस्तारण करना होगा. इस दिशा में प्रयास जारी हैक.
आलोक कृष्ण, सीनियर डीसीएम, खड़गपुर

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