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Jharsuguda lobby : सेफ्टी सेमिनार के बाद लोको पायलटों को ड्यूटी देने पर पत्नियों ने किया हंगामा, मांगा रेस्ट और माइलेज

सेमिनार में शामिल लोको पायलटों के परिवार के सदस्य
  • चीफ क्रू कंट्रोलर की अगुवाई में किया गया था सेफ्टी सेमिनार का आयोजन , विरोध में यूनियन भी कूदी 

JHARSUGUDA. लोको पायलटों के कार्य दबाव को कम करने के लिए रविवार 23 फरवरी 2025 को झारसुगुड़ा में आयोजित सेफ्टी सेमिनार में महिलाओं ने हंगामा किया और पतियों के लिए रेस्ट और 120 माइलेज देने की मांग करते हुए धरना पर बैठने की चेतावनी दे डाली. सेफ्टी सेमिनार का आयोजन चीफ क्रू कंट्रोलर अनिल कुमार सिंह की अगुवाई में किया गया था. बताया जाता है कि इस सेमिनार में नियमानुसार सेफ्टी और ऑपरेटिंग के अलावा परिचालन के पदाधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य होती है लेकिन इनका कोई प्रतिनिधि सेमिनार में  शामिल नहीं हुआ था.

लोको पायलटों का तनाव कम करने के नाम  पर आयोजित इस सेफ्टी सेमिनार में एडीएमई पीके सिंह भी नहीं आये. ऐसे में यह सेमिनार ही महिलाओं के विरोध के बीच रश्म अदायगी बनकर रह गया. रेल प्रशासन हर क्रू लॉबी में लोको पायलटों के लिए सेफ्टी  सेमिनार का आयोजन करता है. इसमें लोको पायलट, सहायक लोको पायलट के अलावा उनके परिवार के सदस्यों (पत्नियों को) को  भी बुलाकर उनकी काउंसेलिंग की जाती है. उन्हें बताया जाता है कि कठिन ड्यूटी के बीच लोको पायलटों को घर पर भरपूर आराम दिया जाये. उन्हें किसी तरह की मानसिक दबाव की स्थिति से मुक्त रखा जाये क्योंकि ऐसा होने पर उनके काम का असर लोको चलाने पर पड़ेगा जो कई लोगों की जिंदगियों के साथ रेलवे की संरक्षा को भी प्रभावित करेगी.

बताया जाता है कि सेफ्टी सेमिनार के ठीक बाद चीफ क्रू कंट्रोलर अनिल कुमार सिंह ने बोर्ड की खराब स्थिति बताते हुए स्पेयर किये गये 14 लोको पायलट और उनके सहायकों को लाइन ड्यूटी पर जाने का फरमान सुना दिया. यह सुनकर लोको पायलटों की पत्नियों आक्रोश में आ गयी ओर विरोध शुरू कर दिया. महिलाओं का कहना था कि आपने सेमिनार में लोको पायलटों के मानसिक दबाव कम करने की सलाह दी. उन्हें प्रोपर रेस्ट देने की बात कही ओर ड्यूटी से रिलीज होने के बाद लगातार सेमिनार में हिस्सा लेने वाले पायलटों को अब ड्यूटी पर क्यों भेजा जा रहा है? यह उनके मानसिक दबाव का कारण बन सकता है. यह नियमानुसार भी नहीं है.

लोको पायलटों की पत्नियों ने सीसीसी से नियमानुसार 120 का माइलेज और रेस्ट देने की मांग की और धरना पर बैठ गयी. हालांकि बाद में चीफ क्रू कंट्रोलर के इस निर्णय का रेलवे मेंस यूनियन ने भी विरोध दर्ज कराया है. यहां कुल 273 चालक हैं जबकि मात्र 14 -14 को सेमिनार पर बुलाया गया था. महिलाओं की चेतावनी के बाद यहां अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गयी. बताया जाता है कि आज राउरकेला व बंडामुंडा में भी सेफ्टी सेमिनार का आयोजन किया गया है.

यूनियन ने SR.DEE(OP) को भेजा पत्र, कहा : चालक व सह चालकों को मिले हेड क्वार्टर माइलेज, 16 घंटे का रेस्ट

झारसुगुड़ा क्रू लॉबी में लोको पायलटों की पत्नियों के विरोध के बाद साउथ ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन के रनिंग ब्रांच ने SR.DEE(OP) को पत्र भेजकर लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट और फैमिली के सेमिनार/सेफ्टी सेमिनार में शामिल होने के बाद रेलवे के नियमानुसार सेफ्टी और सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए हेड क्वार्टर माइलेज 120km देने और सेमिनार के बाद 16 घंटे का रेस्ट देने की मांग की है. यूनियन का कहना है कि ऐसा करने से पायलट SPAD फ्री होकर भरपूर रेस्ट लेकर और फैमिली के साथ समय देंगे और रेलवे के सिक्योरिटी और सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए ड्यूटी कर सकेंगे.

मेंस यूनियन के Asst.Sec/DRSB/SERMU/CKP Gyani Gyanendra ने जारी पत्र में बताया है कि रनिंग स्टाफ को सेफ्टी सेमिनार के बाद तुरंत ड्यूटी बुक कर दिया जाता है और सेमिनार अटेंड करने के बदले कोई भी माइलेज नहीं दिया जाता है. यह गलत है. मेंस यूनियन रनिंग ब्रांच चक्रधरपुर मंडल इसका विरोध करती है और रेल प्रशासन से मांग करता है कि रेलवे के नियम अनुसार रनिंग स्टाफ को रेस्ट और माइलेज दोनों समय-समय पर सेमिनार अटेंड करने के लिए दिया जाए.

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