New Delhi. प्रमुख रेलवे कर्मचारी संगठनों ने दशहरा से पहले कर्मचारियों को मिलने वाले उत्पादकता-आधारित बोनस में बढ़ोतरी करने और आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर राजपत्रित अधिसूचना जारी करने की मांग की है. वहीं ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (AIRF) ने कहा है कि सरकार की मंजूरी के छह महीने बाद भी आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है.
महासंघ ने चेतावनी दी है कि वेतन आयोग के गठन की मांग को लेकर 19 सितंबर को देशव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा. एआईआरएफ के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों, विशेषकर रेलवे कर्मचारियों में इस मुद्दे को लेकर गहरी असंतोष है.
इस बीच, भारतीय रेलवे कर्मचारी महासंघ (IREF) ने कहा कि रेल कर्मचारियों को दिए जाने वाले बोनस की गणना अब भी छठे वेतन आयोग की न्यूनतम वेतन दर 7,000 रुपये के आधार पर हो रही है, जबकि कर्मचारियों को एक जनवरी, 2016 से ही सातवें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम 18,000 रुपये का वेतन मिल रहा है. आईआरईएफ के महासचिव सर्वजीत सिंह ने छठे वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन के आधार पर बोनस दिया जाना ‘सरासर अन्याय’ है.
एआईआरएफ ने भी बोनस की गणना के लिए 7,000 रुपये की मासिक सीमा को ‘पूरी तरह अनुचित’ बताते हुए इसे मौजूदा वेतन ढांचे के अनुसार जल्द संशोधित करने की मांग की है. मिश्रा ने रेल मंत्रालय से आग्रह किया कि दुर्गा पूजा और दशहरा से पहले बोनस का भुगतान किया जाए ताकि कर्मचारी त्योहार को सम्मान एवं सहजता से मना सकें.
















































































