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मुंबई : बच्चे की जान बचाने वाले प्वाइंटसमैन मयूर को 50 हजार का ईनाम, चारों ओर सराहना

मुंबई. अपनी बहादुरी और तत्परता से एक बच्चे की जिंदगी बचा लेने वाले मुंबई डिवीजन के प्वाइंटसमैन मयूर सखाराम शेलके की देश भर में सराहना हो रही है. रेलमंत्री पीयूष गोयल ने घटना के बाद पहले ही ट्वीट कर रहा था कि बाल जीवन को बचाने के लिए दिखाये गये साहस को किसी पुरस्कार या पैसे से नहीं आंका जा सकता है. हालांकि रेल मंत्रालय ने इस साहसिक कार्य और रेलकर्मियों का हौसला बढ़ाने के लिए प्वाइंटसमैन मयूर को 50 हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है.

मैं बच्चे से 60 मीटर दूर था और ट्रेन को स्पीड में आते देखा, मैंने किसी भी कीमत पर उसे बचाने का फैसला किया. मैं उसकी ओर दौड़ा और उसे उठाकर प्लेटफॉर्म पर रख दिया. ट्रेन पास थी, मैं डर गया, लेकिन हिम्मत करते ऊपर कूद गया. 15 से 20 मिनट तक मैं सुन्न रहा. बाद में जब हर कोई मेरी सराहना करने लगा तो लगा कि मैंने कुछ अच्छा किया है. सब कुछ ईश्वर की इच्छा थी कि तभी मैं उसे बचाने के लिए वहां मौजदू था. मयूर सखाराम शेलके, प्वाइंटसमैन

17 अप्रैल की शाम लगभग 17.04 बजे सेंट्रल रेलवे के मुंबई डिवीजन के वांगनी स्टेशन पर मयूर सखाराम शेलके ने देखा की एक बच्चा रेलवे ट्रैक पर गिर गया है और वह प्लेटफार्म पर चढ़ने की कोशिश कर रहा है. बच्चा छोटा था कि वह प्लेटफार्म पर चढ़ पाने में असमर्थ था जबकि उसकी अंधी मां मदद के लिए शोर मचा रही थी. उसी समय 01302 अप उदयन एक्सप्रेस उसी ट्रैक पर आ रही थी. मयूर बिना कोई क्षण गवाये ट्रैक पर दौड़ा और बच्चे उठाकर प्लेटफॉर्म पर धकेल दिया. इसके बाद वह खुद प्लेटफॉर्म पर सेकंड के एक हिस्से में चढ़ गये.

यह वह पल था जब एक क्षण की कीमत में बच्चे और शेलके की जान जा सकती थी. स्टेशन पर लगे सीसीटीवी से पूरी घटनाक्रम को देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गये और सभी मीडिया और मध्यमों पर वायरल इस दृश्य को देखने वालों ने तहे दिल से मयूर सखाराम शेलके को धन्यवाद दिया. उनकी हर ओर सराहना की जा रही है. रेलवे के इस कर्मवीर ने न सिर्फ एक जिंदगी बचायी बल्कि रेलकर्मियों का नाम एक गौरव लिख दिया.

मयूर ने इसी बच्चे की बचायी जान, मां का सहारा बना रहेगा बच्चा

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने मयूर शेलके के साहस की सराहना की थी. उन्होंने मानवता को प्रेरित करने के लिए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा भी की थी. रेलवे बोर्ड ने इस आशय में मयूर को 50 हजार रुपये का नकद ईनाम देने की घोषणा की है. इसके अलावा जीएम मध्य रेलवे संजीव मित्तल, डीआरएम शलभ गोयल, समेत कई मंचों से मयूर के साहसी कार्य की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया है.

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