- अवैध वेंडरों की पेंट्रीकार में पिटाई का वीडियो वायरल, बिलासपुर जीआरपी में मामला दर्ज
- रायपुर -बिलासपुर से आर्डर लेकर झारसगुड़ा में खाना सप्लाई करते हैं अवैध वेंडर
- आरपीएफ-जीआरपी के मौन के बीच ट्रेनों में अवैध वेंडरों का बढ़ता जा रहा है आंतक
BILASPUR. पुणे से हावड़ा जा रही 12129 डाउन आजाद हिंद एक्सप्रेस में अवैध वेंडिंग को लेकर 5 अगस्त को पेंट्री कार के कर्मचारियों और अवैध वेंडरों के बीच जमकर मारपीट हुई. रायपुर से शुरू हुआ यह विवाद ट्रेन में बिलासपुर तक चला. इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर मारपीट की सूचना है. इस मामले में बिलासपुर रेल थाना में मामला दर्ज कराया गया है. पुलिस अवैध वेंडिंग की जांच कर रही है. यह विवाद अवैध वेंडरों द्वारा ट्रेन में खाना का आर्डर लेने के लिए पर्चे बांटने के बाद शुरू हुआ था.
दरअसल, रायपुर से लेकर झारसुगुड़ा-राउरकेला तक ट्रेनों अवैध वेंडरों का आतंक बोल रहा है. अवैध वेंडरों के सीधे हस्तक्षेप और खाने-पीने की सामग्री का आर्डर लिये जाने से ट्रेनों के पेंट्रीकार वालों को नुकसान उठना पड़ता है. उनका कहना हैं की आरपीएफ की मौन सहमति के बीच यह धंधा लगातार संचालित हो रहा है. जब कभी पेंट्री के लोग अवैध वेंडिंग का विरोध करते हुए तो यह लोग स्थानीयता का फायदा उठाकर किसी भी स्टेशन पर अपने लोगों को चढ़ाकर पेट्रींकार के मैनेजर की धुनाई कर देते हैं.

इस तरह बिलासपुर से झारसुगुड़ा और राउरकेला तक अवैध वेंडरों की आतंक बना हुआ है. किसी भी ट्रेन के पेंट्रीकार के लोग स्थानीय दबंगता के कारण अवैध वेंडरों से टकराने से कतराते है. पेंट्रीकार के मैनेजरों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर आरपीएफ का सहयोग नहीं मिल पाने के कारण अवैध वेंडिंग ट्रेंनाें में बेखौफ जारी है और इसका असर यात्रियों पर भी पड़ता है. इसी तरह की घटना राउरकेला स्टेशन पर कुछ दिनों पहले घटी थी जिसमें पेंट्री मैनेजर को स्थानीय वेंडरों ने पीटकर जख्मी कर दिया था.
नया मामला मंगलवार को आजाद हिंद एक्सप्रेस में सामने आया है. रायपुर रेलवे स्टेशन के पहले कुछ अवैध वेंडर्स ट्रेन में खाने का पर्चा बांटने के लिए चढ़ गये. इसका पेंट्रीकार के मैनेजर ने विरोध किया और अवैध वेंडरों से उनकी बकझक शुरू हो गयी. रायपुर रेलवे स्टेशन आते ही अवैध वेंडर्स के समर्थन में कुछ आधा दर्जन से अधिक युवक ट्रेन में चढ़ गये और पेंट्रीकार मैनेजर से मारपीट करने लगे. हालांकि इस बार उनका दांव उल्टा पड़ गया.
अवैध वेंडरों को पेंट्रीकार के कर्मचारियों ने संगठित होकर दबोच लिया और उनकी पेंट्री कोच में ही जमकर कुटाई की. रायपुर से यह विवाद होता हुआ बिलासपुर तक पहुंच गया. वेवपोर्टल lalluram.com की रिपोर्ट केअनुसार पेंट्रीकार के कर्मचारियों ने संगठित होकर अवैध वेंडर और उनके आकाओं की जमकर धुनाई की. हालांकि इस वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें पेंट्रीकार के स्टॉफ अवैध वेंडर की धुनाई करते नजर आ रहे हैं.
राउरकेला-झारसुगुड़ा सेक्शन पर अवैध वेंडरों की भरमार
ट्रेनों में अवैध वेंडिंग का मामला किसी एक स्टेशन तक सीमित नहीं रह गया है. सुरक्षा एजेंसियों की मौन सहमति के बीच यह लगभग हर स्टेशनों के बीच बेखौफ संचालित हो रहा है. चक्रधरपुर रेलमंडल में अवैध वेंडिंग का सबसे अधिक मामला राउरकेला से झारसुगुड़ा के बीच होने की बात कही जाती है. बताया तो यहां तक जाता हैं की आरपीएफ की सहमति से 100 से अधिक अवैध वेंडर आने जाने वाली ट्रेनों में बेखौफ फेरी कर रहें है.

झारसुगड़ा-राउरकेला के बीच इस्पात एक्सप्रेस में वेंडर
झारसुगुड़ा में बीते कुछ माह पहले तो बुलंद हौसलों के साथ अवैध वेंडर ने यात्री पर चाकू से वार कर दिया था. हालांकि आरपीएफ ने इस मामले को रफा-दफा कर दिया. ऐसा नहीं है अवैध वेंडिंग की जानकारी चक्रधरपुर मंडल मुख्यालय के आरपीएफ अधिकारियो काे नहीं है, बावजूद इस पर रोक लगाने के लिए सख्ती नहीं की जाती है. इसके लिए सीधे तौर पर अवैध वेंडरों और आरपीएफ के बीच के गठजोड़ को ही जिम्मेदार माना जा रहा है.












































































