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चक्रधरपुर : शरीफ के जाने की आहट से ही हरकत में आये ‘बेइमान’

  • आरपीएफ कमांडेंट इब्राहिम का तबादला, डीके मोर्या होंगे नये सुरक्षा आयुक्त  

जमशेदपुर से धमेंद्र. चक्रधरपुर मंडल आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट ए इब्राहिम शरीफ का तबादला हो गया है. उनके स्थान पर डीके मोर्या को मंडल का नया सीनियर कमांडेंट बनाया गया है. डीके मोर्या अभी बनारस के मंडल सुरक्षा आयुक्त है. मोर्या जल्द ही चक्रधरपुर मंडल के सीनियर डीएसइ का स्थान लेंगे. इब्राहिम शरीफ के तबादले की सूचना से चक्रधरपुर रेलमंडल में कई निरीक्षक व जवानों को सुकून की सांस ली है. स्टेशन व ट्रेनों में अवैध हॉकर दिखने लगे है. इसका नजारा 2 फरवरी को टाटानगर स्टेशन पर तीन हॉकरों के वाणिज्य विभाग द्वारा पकड़े जाने के बाद सामने आया. हालांकि हाकरों को फिलहाल जुर्माना वसूलकर छोड़ दिया गया है.

सीनियर कमांडेंट ए इब्राहिम शरीफ

प्रभार लेने के बाद से ही कमांडेंट ए इब्राहिम शरीफ ने सभी अफसर व जवानों को स्पष्ट रूप से हिदायत जारी कर दी थी कि अवैध धंधों में संलिप्त पाये जाने पर सीधी कार्रवाई होगी और ऐसे में किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा. आरपीएफ महकमे में ईमानदार छवि के लिए चर्चित इब्राहित के कमांडेंट बनते ही अधिकांश स्टेशनों पर अवैध धंधे बंद हो गये. अवैध हाकरों पर शामत आयी और कुछ चोरी-छुपे केस को छोड़ दिया जाये तो अधिकांश हाकरों की गतिविधियों पर अंकुश लग गया था.

अपनी चेतावनी के अनुसार ही शरीफ ने मिली रिपोर्ट पर आदित्यपुर के अवर निरीक्षक और फिर सात जवानों पर सीधी कार्रवाई कर यह बता दिया कि वह गलत कार्यों के लिए किसी को नहीं बख्शेंगे. हालांकि उनके तबादले का आदेश जारी होने के साथ ही कई अफसर व जवानों ने राहत की सांस ली है. उधर नये सीनियर कमांडेंट डीके मोर्या की कार्यप्रणाली की जानकारी लेने में आरपीएफ के अधिकारी से लेकर जवान जुट गये है. फिलहाल डीके मोर्या बनारस में है.  सात या आठ फरवरी को नये कमांडेंट प्रभार ले सकते हैं.

टाटानगर के सहायक कमांडेंट चौधरी के तबादले के बाद खत्म हुआ टकराव 

सहायक कमांडेंट टाटा एसके चौधरी

टाटानगर आरपीएफ के सहायक कमांडेंट एसके चौधरी का भी तबादला हो गया है. उनकी जगह पर हेड क्वार्टर से कमल सिंह नये सहायक कमांडेंट बनाया गया है. देश भर के लगभग 20 सहायक कमांडेंट का तबादला एक साथ किया गया है. वहीं एसके चौधरी को गाजियाबाद 11 बटालियन में भेजा गया है. चौधरी के तबादले के साथ ही टाटानगर में बीते डेढ़ साल से चल रहा दो शक्ति केंद्रों का टकराव खत्म हो गया है और जवानों के साथ ही अवैध गतिविधियों में लिफ्त हाॅकर व दुकानदारों ने भी राहत की सांस ली है. बताया जाता है कि सहायक कमांडेट एसके चौधरी और पोस्ट प्रभारी एमके सिंह के शक्तिकेंद्र के बीच कई जवान पीस रहे थे. सहायक कमांडेंट पोस्ट प्रभारी के कई निणयों के खिलाफ अपनी शक्ति का उपयोग कर देते जिससे स्थिति टकराव पूर्ण हो चुकी थी.

टाटानगर पोस्ट प्रभारी भी लटकी तलवार 

चक्रधरपुर रेलमंडल में आरपीएफ के बंडामुंडा प्रभारी को कोयले की आंच झुलसा चुकी है उन्हें उच्च स्तरीय जांच के बाद टर्म पूरा होने से पूर्व ही बंडामुंडा से चलता कर दिया गया है. बंडामुंडा प्रभारी को फिलहाल खड़गपुर से अटैच रखा गया है, हालांकि उन्होंने अभी ज्वाइन नहीं किया है. उन पर कोयले की चोरी में संलिफ्तता का आरोप लगा है. हालांकि अपनी जांच में इंस्पेक्टर ने यह स्पष्ट किया था कि उन पर जो आरोप लगाये गये है वह पूर्वाग्रह से ग्रसित है और उनसे उनका कोई लेना-देना नहीं है अलबत्ता बंडामुंडा सेक्शन और पोस्ट के दायरे में आने वाले क्षेत्र से कोयले की लोडिंग तक नहीं होती है बावजूद डीजी की अगुवाई वाली टीम ने उनके बंडामुंडा छोड़ने का फरमान जारी कर दिया. अब दूसरे नंबर पर आ रहे है टाटानगर के पोस्ट प्रभारी के खिलाफ कुछ मामलों में शिकायत की जांच चल रही है. बताया जाता है कि टाटानगर पोस्ट प्रभारी को भी कोयले की आंच झुलसा सकती है. आदित्यपुर में इसी कोयले ने हाल में ही सात जवानों पर कार्रवाई का रास्ता साफ कर दिया था. अगर डीजी ने आइजी की अनुशंसा को अमल में लाया तो जल्द ही टाटानगर आरपीएफ पोस्ट प्रभारी की भी विदाई तय है.

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