NEW DELHI. रेलवे में ऑन डयूटी ट्रैक मेंटेनरों के रनओवर के मामले लगातार लगातार बढते जा रहे हैं. लगातार हो रही मौतें और सुरक्षा संसाधनों की कमी को चिंता मानने वाले कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बिना सुरक्षा रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया गया है. हर दिन लाखों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले ट्रैक मेंटेनरों के प्रति यह रवैया अब आक्रोश का कारण बनने लगा है.

मंगल केरकेट्टा
चक्रधरपुर रेल मंडल में सोमवार सुबह मनोहरपुर सेक्शन के अंतर्गत घाघरा क्षेत्र में थर्ड लाइन पर कार्यरत ट्रैक मेंटेनर मंगल केरकेट्टा की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई. हादसे से सहयोगियों और रेलवे कर्मचारियों में शोक और आक्रोश है.
मंगल केरकेट्टा पीडब्ल्यूआई मनोहरपुर सेक्शन के अंतर्गत किलोमीटर 369/3ए से 5ए के बीच थर्ड लाइन ग्रेड पर की-मैन के रूप में कार्य कर रहे थे. इसी दौरान वह शालीमार–कुर्ला एक्सप्रेस की चपेट में आ गये. उनकी मौत मौके पर ही हो गयी.
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उधर दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के बांदा में अतर्रा रेलवे स्टेशन के समीप सोमवार की सुबह लगभग 10 बजे रेलवे गेटमैन की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई. दिल्ली से मानिकपुर की ओर जा रही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन से यह हादसा सिमरिया मिर्दहा के पास स्थित रेलवे गेट संख्या 471 पर हुआ.
ड्यूटी के दौरान गेटमैन नागेंद्र कुमार (30) का पैर अचानक रेल बैंड में फंस गया, जिससे वह संतुलन खो बैठे और तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए. हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए. मृतक नागेंद्र कुमार पुत्र राजबली प्रसाद, मूल निवासी ग्राम सैदपुर घोसी, जिला जहानाबाद (बिहार) के रहने वाले थे. उन्होंने ढाई साल पहले रेलवे में सेवा शुरू की थी. आठ माह पूर्व ही उनका विवाह हुआ था. नागेंद्र चार भाइयों में सबसे छोटे थे.















































































