रेलहंट ब्यूरो, भोपाल
पश्चिम मध्य रेल कर्मचारी परिषद ने 26 फरवरी को जारी आदेश में संगठन के खिलाफ षड्यंत्र रचने और संगठन विरोध में कार्य करने के आरोप में तीन नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. इन नेताओं को निष्कासित करने के लिए बकायदा एक अहम बैठक बुलायी गयी जिसमें संगठन के खिलाफ षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए डीपी श्रीवास्तव, कमलेश कुमार एवं रविशंकर विश्वकर्मा को छह साल के लिए निष्कासित करने का फरमान जारी किया गया.
इसके लिए भारतीय मजदूर संघ के जबलपुर जिला मंत्री बसंत गोरे की अध्यक्षता में पश्चिम मध्य रेल कर्मचारी परिषद की विशेष बैठक गोकुलदास धर्मशाला में बुलायी गयी. बैठक में जोनल अध्यक्ष धीरज अग्रवाल, प्रदीप जैन, शैलेन्द्र गौर समेत अन्य आला पदाधिकारी मौजूद थे. इसमें तीनों नेताओं के संगठन में शामिल होने के बाद उनकी गतिविधियों पर विचार किया गया. इसमें सभी एक मत थे कि तीनों नेता परिषद के नियम विरुद्ध कार्य कर रहे हैं जिन्हें निष्कासित किया जाना चाहिए. इसके बाद डीपी श्रीवास्तव, कमलेश कुमार एवं रविशंकर विश्वकर्मा के निष्कासन का आदेश जोनल अध्यक्ष ने जारी किया. परिषद ने नेताओं को भविष्य में अपनी गतिविधियों को नियंत्रित करने की चेतावनी भी दी है. अब तक संगठन से निष्कासित किये गये नेताओं का बयान सामने नहीं आया है.
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