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ECR : CBI ने किऊल में 50 हजार घूस लेते माल पर्यवेक्षक को पकड़ा, GM छत्रसाल सिंह के कार्यकाल में 8वीं ‘रेड’

  • सीबीआई की टीम ने शुक्रवार 10 जुलाई की शाम की गिरफ्तारी, दोनों आरोपियों को ले गयी पटना

PATNA. पूर्व मध्य रेलवे (ECR) में भ्रष्टाचार की जड़ें किस कदर गहरी हो चुकी हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की बैक-टू-बैक कार्रवाइयों के बाद भी अधिकारी और कर्मचारी बेखौफ होकर रिश्वतखोरी में लिप्त हैं.

ताजा मामला दानापुर मंडल के किऊल जंक्शन से सामने आया है, जहां सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए माल पर्यवेक्षक (Goods Supervisor) को उसके सहयोगी के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.

बड़ी कार्रवाई करते हुए गुड्स सुपरवाइजर पी. सुबंधु को एक ठेकेदार से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. इस कार्रवाई में उनके सहयोगी मनीष कुमार को भी गिरफ्तार किया गया. दोनों को सीबीआई टीम अपने साथ लेकर चली गई. घटना शुक्रवार 10 जुलाई की शाम की है.

महाप्रबंधक (GM) छत्रसाल सिंह के कार्यकाल में यह रेलवे पर सीबीआई की आठवीं बड़ी रेड है, जिसने रेल प्रशासन की साख को पूरी तरह तार-तार कर दिया है.

₹50,000 की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तारी

सीबीआई पटना की टीम ने 10 जुलाई 2026 को शिकायतकर्ता मोहन मंडल की लिखित शिकायत पर जाल बिछाया. किऊल जंक्शन पर तैनात माल पर्यवेक्षक परमात्मा शुभंदु और उनके सहयोगी मनीष कुमार को ₹50,000 की रिश्वत की रकम लेते हुए मौके से गिरफ्तार किया गया. परमात्मा सुबंधु (चीफ गुड्स सुपरवाइजर) पर पद का दुरुपयोग कर अवैध उगाही और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं.

वहीं दूसरी ओर मनीष कुमार (प्राइवेट रैके हैंडलर), मुजफ्फरपुर के डोली सकरा (विष्णुपुर बाहनगरी) के रहने वाले मनीष कुमार, जो किऊल में अधिकृत गुड्स/रैके हैंडलर के रूप में काम कर रहे थे. आरोप है कि यह निजी व्यक्ति अधिकारी के साथ मिलकर पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा था.

प्रति वैगन मांगी जा रही थी ₹300 की ‘कमीशन’, ऐसे चलता था खेल!

किऊल रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ियों (रैके) की लोडिंग, अनलोडिंग और व्यापारियों को क्लीयरेंस देने के नाम पर बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी का खेल चल रहा था. चीफ गुड्स सुपरवाइजर परमात्मा सुबंधु ने प्राइवेट हैंडलर मनीष कुमार के साथ मिलकर एक ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया था, जिसमें बिना ‘सुविधा शुल्क’ (रिश्वत) दिए कोई भी मालगाड़ी समय पर क्लियर नहीं हो सकती थी.

शिकायतकर्ता से जून 2026 में 396 वैगनों को खाली कराने के एवज में माल पर्यवेक्षक परमात्मा शुभंदु द्वारा प्रति वैगन ₹300 के हिसाब से कुल ₹1,18,800 की अवैध मांग की गई थी. संवेदक (ठेकेदार) ने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय इसकी शिकायत सीधे सीबीआई से कर दी.

दस्तावेजों के मिलान और संदिग्ध मोबाइल नंबरों (जैसे 9931832921) की कॉल डिटेल खंगालने के बाद सीबीआई ने इस सिंडिकेट पर शिकंजा कसा. छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए जाने की खबर है, जो रेलवे के इस दफ्तर में चल रही काली कमाई की पूरी कहानी बयां कर रहे हैं.

शीर्ष नेतृत्व पर उठे गंभीर सवाल, बना ‘लूट का सुरक्षित चारागाह’

इस कार्रवाई के बाद पूर्व मध्य रेलवे के शीर्ष अधिकारियों की कार्यशैली और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. रेल गलियारों में चर्चा है कि महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह के कार्यकाल में सात-सात रेड होने के बाद भी मातहतों में कानून का कोई खौफ नहीं दिख रहा है. ऐसा लगता है कि वाणिज्य विभाग की पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है.

सिर्फ किऊल जंक्शन ही नहीं, बल्कि चर्चाएं तो यहां तक हैं कि पूर्व मध्य रेलवे के पांचों मंडलों में जहां भी गुड्स शेड हैं, वहां “अवैध वसूली” का खेल अनवरत जारी है. हालांकि, इस बार शिकायतकर्ता के साहसिक कदम ने रेलवे के दावों की पोल खोलकर रख दी है.

भले ही वर्तमान रेल प्रशासन ने विकास या यात्री सुविधाओं में कोई नया रिकॉर्ड न बनाया हो, लेकिन एक ही कार्यकाल में 8वीं सीबीआई रेड का यह शर्मनाक रिकॉर्ड जरूर दर्ज हो गया है. अब देखना यह होगा कि इस तमाचे के बाद भी रेल प्रशासन नींद से जागता है या ‘लूट चले हम’ का यह सिलसिला यूं ही जारी रहता है.

रेल महकमे में हड़कंप, आगे की जांच तेज

सीबीआई की इस ताबड़तोड़ रेड के बाद किऊल रेलवे स्टेशन से लेकर दानापुर मंडल मुख्यालय तक के अधिकारियों में खलबली मची हुई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं और क्या इस सिंडिकेट में कुछ और सफेदपोश अधिकारी या बड़े व्यापारी भी शामिल हैं?

फिलहाल, सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ तेज कर दी है.  आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की पूरी उम्मीद है1

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