- CRIS की ‘साजिश’ या रेलवे की मनमानी? रेलवे का ‘कामधेनु गाय’ बने RAC यात्री, मास्टर चार्ट बनते ही शुरू होता है खेल
- राजधानी समेत सभी प्रीमियम ट्रेनों में रोस्टर में बड़ा घालमेल कर चुनिंदा लोगों को ड्यूटी दिये जाने पर उठाये जा रहे सवाल
PATNA.डिजिटल इंडिया के इस दौर में भारतीय रेलवे के ‘CRIS’ सिस्टम की कमियों और टीटीई (TTE) की मिलीभगत ने आरएसी (RAC) यात्रियों को लूट का नया जरिया बना दिया है. मास्टर चार्ट बनने के बाद आरएसी टिकट कन्फर्म होने की जानकारी छुपाकर यात्रियों को पूरी रात बैठाकर सफर कराने और बदले में मोटी अवैध कमाई करने के इस ‘छल के खेल’ का दानापुर डिवीजन में बड़ा पर्दाफाश हुआ है.
तेजस राजधानी एक्सप्रेस में यात्रियों की सीट हड़पने के मामले में दानापुर सीनियर डीसीएम अभिनव सिद्धार्थ ने प्रथम दृष्टया जांच के बाद आरोपी टीटीई अवधेश कुमार तिवारी को सस्पेंड कर दिया है. उधर दूसरी ओर दानापुर डिवीजन के ही एक और टीटीई मुकेश कुमार पर भी निलंबन की गाज गिरी है. 18 जून 2026 को 22359, मुम्बई सीएसएमटी-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में टीटीई मुकेश कुमार को 23 हजार रुपए की घूस की रकम के साथ रेलवे विजिलेंस टीम ने पकड़ा था. उन्हें भी सस्पेंड कर दिया गया है.

अभिनव सिद्धार्थ, सीनियर डीसीएम, दानापुर (फाइल फोटो)
हालांकि राजधानी मामले में यात्री की शिकायत और जांच के बाद आरोप के दायरे में आने के बावजूद ट्रेन सुप्रीटेडेंट जयराम राम पर अब तक एक्शन नहीं लिये जाने को लेकर सवाल उठाये जा रहे हैं. रेलकर्मियों का कहना है कि अनियमितता और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में प्रशासन को हर स्तर पर जवाबदेही तय करनी चाहिए ताकि समस्या का स्थायी निदान हो सके, कि फौरी तौर पर किसी एक पर एक्शन लेकर मामले को रफा-दफा कर लिया जाये.
दरअसल यह मामला सिस्टम की चूक और टीटीई के विवेकाधिकार से जुड़ा है जिसमें RAC टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को शिकार बनाकर उनकी आवंटित सीट पर दूसरे को यात्रा कराने की बात सामने आयी है. घटना 15.06.2026 को ट्रेन संख्या 12309 तेजस राजधानी एक्सप्रेस की है जिसमें पीएनआर नंबर 6204832795 में तीन यात्रियों को टिकट पहले चार्ट में RAC में ही रह गया था. उन्हें सीट संख्या 05,05, और 11 आवंटित हुआ. इस तरह तीनाें यात्री पटना से नई दिल्ली तक एक ही सीट पर बैठकर यात्रा की. लेकिन जब जांच की गयी तो पता चला कि मास्टर चार्ट में RAC टिकट कन्फर्म हो गये थे. लेकिन टीटीई ने यात्री को बर्थ से वंचित रखा.
प्रीमियम ट्रेनों के रोस्टर में बड़ा घालमेल, चुनिंदा लोगों को उपकृत करने पर उठे सवाल
रेलवे की प्रतिष्ठित प्रीमियम ट्रेनों राजधानी, हमसफ़र और दुरंतो एक्सप्रेस आदि में इन दिनों लगभग सभी जोन व डिवीजन में टीटीई (TTE) के डयूटी रोस्टर प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाये जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि प्रीमियम ट्रेनों में वरीयता वाले वरिष्ठ और मुख्य टिकट निरीक्षकों (CTI) की तैनाती होनी चाहिए, जबकि अधिकांश स्थानों से यह काम जूनियर रैंक के (Dy.CTI) आदि से कराया जा रहा.
रोस्टर घालमेल के पीछे ‘पसंदीदा और चुनिंदा’ स्टाफ को उपकृत करने का खेल चलाने का आरोप रेलवे यूनियन से जुड़े नेता लगाते हैं. आरोप है कि वाणिज्य विभाग के कुछ लोगों की मिलीभगत से एक खास सिंडिकेट इस काम में सक्रिय है जो रोटेशन पॉलिसी को दरकिनार कर चुनिंदा कर्मचारियों को ही बार-बार प्रीमियम रूट्स पर भेजता है. सतर्कता विभाग (Vigilance) की हालिया कार्रवाई के बाद यह मांग तेज हो गयी है कि करप्शन के लिए सिर्फ ग्राउंड स्टाफ पर ही नहीं, बल्कि रोस्टर तैयार करने वाले और उन्हें संरक्षण देने वाले पर्दे के पीछे के ‘बड़े चेहरों’ पर भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.
यहां यह बताना लाजिमी है कि दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर डिवीजन में भी हावड़ा से प्रीमियम ट्रेनों के ड्यूटी रोस्टर में बड़े खेल का खुलासा हुआ था जिसमें जोन का एक बड़े अधिकारी की संलिप्तता की बात कही जा रही थी.
वहीं आनंद विहार से चलकर गोरखपुर जाने वाली हमसफ़र एक्सप्रेस में भी रेलवे विजिलेंस ने तीन टीटीई को करप्शन के आरोप में पकड़ा था जिन्हें बाद निलंबित कर दिया गया. पूर्व मध्य रेलवे में सतर्कता विभाग द्वारा अब प्रीमियम ट्रेनों में ऐसे मामलों की औचक जांच नहीं करने पर सवाल उठाये जाते रहे हैं. रेलवे यूनियन से जुड़े लोगों ने रेलमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है.
रेलहंट का प्रयास है कि सच रेल प्रशासन के सामने आये. ऐसे में किसी को अपना पक्ष रखना है तो whatsapp 9905460502 पर भेज सकते है, पूरे सम्मान के साथ उसका संज्ञान लिया जायेगा.
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