ROURKELA. पुरी से हटिया जाने वाली ट्रेन संख्या 18452 तपस्विनी एक्सप्रेस आज रात एक गंभीर तकनीकी घटना का शिकार हो गई. ट्रेन भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन से रवाना होने के बाद अपने अधिकांश डिब्बों से अलग हो गई और केवल तीन कोचों के साथ आगे बढ़ गई. हालांकि रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया. मिली जानकारी के अनुसार, तपस्विनी एक्सप्रेस रात करीब साढ़े नौ बजे भुवनेश्वर स्टेशन पहुंची थी. निर्धारित ठहराव के बाद ट्रेन कटक की ओर रवाना हुई, लेकिन तकनीकी कारणों से ट्रेन के केवल तीन कोच ही इंजन के साथ आगे बढ़ गए, जबकि शेष 18 कोच भुवनेश्वर स्टेशन पर ही खड़े रह गए.
ट्रेन जब मालिसाही क्षेत्र के निकट पहुंची, तब रेलवे केबिन से ट्रेन चालक को सूचना दी गई कि ट्रेन के साथ केवल तीन कोच ही जुड़े हुए हैं. सूचना मिलते ही चालक ने तत्काल ट्रेन को मालिसाही के पास रोक दिया. इसके बाद रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्थिति को संभालते हुए स्टेशन पर छूटे 18 कोचों को दूसरे इंजन की सहायता से मालिसाही तक पहुंचाया. वहां सभी डिब्बों को दोबारा सुरक्षित रूप से जोड़ा गया और आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद ट्रेन को पुनः अपने गंतव्य की ओर रवाना किया गया.
इस पूरी प्रक्रिया के कारण तपस्विनी एक्सप्रेस को कटक पहुंचने में लगभग 1 घंटा 20 मिनट की देरी हुई. घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक तौर पर कोचों के कपलिंग सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है. रेलवे सूत्रों के अनुसार, समय रहते स्थिति का पता चल जाने से किसी प्रकार की जनहानि या बड़ा हादसा नहीं हुआ. घटना ने हालांकि रेल सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निरीक्षण की प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.


















































































