NEW DELHI. रेलवे बोर्ड ने कैडर रिस्ट्रक्चरिंग को लेकर नये प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है जिससे प्वाइंट्समैन के प्रोमोशन को लेकर बाधाएं खत्म हो गयी है. इनकी नियुक्ति लेवल वन में होती थी और लेवल 2 तक ही इनके पास पदोन्नति के अवसर उपलब्ध थे. नयी व्यवस्था के बाद प्वाइंट्समैन को लेवल 5 तक पदोन्नति मिल सकेगी. इसका फायदा प्वाइंट्समैन संवर्ग के देश भर के 70 हजार से अधिक रेलकर्मियों को होगा.
रेलवे बोर्ड ने यूनियन की मांगों के बाद प्वाइंट्समैन के कैडर रिस्ट्रक्चरिंग के लिए एक संयुक्त कमिटी का गठन किया गया, जिसने प्वाइंट्समैन को लेवल पांच तक पदोन्नति उपलब्ध कराने की अनुशंसा की गयी थी. हालांकि नयी व्यवस्था में आने वाले वित्तीय खर्च को लेकर मामला वित्त मंत्रालय तक गया. बाद में वित्त मंत्रालय की सहमति के बाद रेलवे बोर्ड ने इस आशय का आदेश जारी कर दिया है.
AIRF के नेताओं ने इसे बड़ी उपलब्धि करार दिया है. उनका कहना है कि अभी तक रेलवे प्वाइंट्समैन की नियुक्ति लेवल वन में होती थी और लेवल 2 तक ही पदोन्नति चैनल उपलब्ध थे. लेकिन रेलवे बोर्ड के इस आदेश के बाद प्वाइंट्समैन के लिए पदोन्नति के नए द्वार खुल गए हैं. रेलवे प्वाइंट्समैन अब लेवल 5 तक पदोन्नति पा सकेंगे. रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक पे कमिशन संदीप पाल ने इस आशय का आदेश जारी किया है.
कहा जा रहा है कि कैडर रिस्ट्रक्चरिंग का फायदा लगभग 70 हजार प्वाइंटसमैन को मिलेगा. इसके लिए प्रत्येक लेवल में प्वाइंट्समैन की प्रतिशतता में भी संशोधन किया गया है. इससे वरीय कर्मचारियों को सीधे लेवल पांच और उनसे जूनियर को लेवल चार में पदोन्नति मिल जाएगी. यह पदोन्नति तीन अप्रैल 2026 से लागू की गयी है, उसके अनुसार ही वेतन का निर्धारण भी होगा.
पॉइंट्समैन (Pointsman) भारतीय रेलवे का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सुरक्षा से जुड़ा हुआ कर्मचारी होता है, जिसकी भूमिका ट्रेन संचालन को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने में निर्णायक होती है. यह पद रेलवे सेफ्टी कैटेगरी में आता है.


















































































