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राउरकेला : एक साल में ही चलता किये गये RPF ASC अग्निदेव प्रसाद, रेलहंट ने पहले ही दिया था संकेत

  • SER आईजी के मौन ने सिस्टम को बद से बदतर बनाया, सफेद हाथ बनकर रह गये CIB-SIB-IVG
  • ASC/ROU अग्निदेव प्रसाद का आंध्र प्रदेश के गुंटूर तबादला, एमके खान होंगे राउरकेला के नये ASC
  • IVG/RPF/SER की गतिविधियां भी संदिग्ध, कहीं जमकर जांच, कहीं जांच के नाम पर की खानापूर्ति 
  • झारसुगुड़ा में दिल खोलकर इंस्पेक्टर बांट रहे फर्जी रूप से TA, पहुंचने से पहले IVG भेज देती है सूचना
  • अप्रैल माह में बरपाली में रेल पटरी चोरी की बड़ी घटना को भी RPF ने PWI की मिलीभगत से दबा दिया       

CKP/KOLKATA. राउरकेला आरपीएफ विभाग में लंबे समय से चल रही विवादों और शिकायतों के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है. राउरकेला आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त (ASC) अग्निदेव प्रसाद का तबादला जोन से बाहर आंध्र प्रदेश कर दिया गया है. उन्हें SCR (दक्षिण मध्य रेलवे) में ASC/Guntur बनाया गया है. उनके स्थान पर एमके खान को राउरकेला आरपीएफ का नया ASC नियुक्त किया गया है. वह अगले सप्ताह तक पदभार लेंगे.

राउरकेला ASC के रूप में अग्निदेव प्रसाद का कार्यकाल करीब एक वर्ष का रहा, लेकिन इस दौरान लगातार अनियमितताएं सामने आयी और आरपीएफ पर कई गंभीर आरोप लगे. आरोप है कि लगभग हर गंभीर मामले में ASC चुप्पी साधे रखे और न तो ठोस कार्रवाई की न ही उच्चाधिकारियों को कोई रिपोर्ट ही भेजी. आलम यह रहा कि विभागीय हलकों में उन्हें ‘धृतराष्ट्र’ की संज्ञा तक दी जाने लगी थी.

RPF के चक्ररधरपुर कमांडेंट पी शंकर कुट्टी भेजे गये CLW, ए नवीन प्रसथ होंगे नये DSC

रेलहंट ने 21 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट में यह आशंका पहले ही जाहिर कर दी थी कि चक्रधरपुर रेलमंडल में भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों को लेकर आरपीएफ डीजी के निशाने पर कमांडेंट है जबकि ASC की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है. इसके बाद से ही दोनों अधिकारियों पर गाज गिरने की आशंका जतायी जाने लगी थी. ASC के तबादले को इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है. अनुमान लगाया जा रहा है कि सीनियर कमांडेंट पी शंकर कुट्टी को भी कोई अहम पद नहीं देकर शंटिंग में भेजा जा सकता है. देखें रेलहंट की रिपोर्ट   

RPF DG भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर, इंस्पेक्टर अरुण कुमार टोकस सस्पेंड, निशाने पर कमांडेंट, तय होगी ASC की जिम्मेदारी !

राउरकेला एएससी के कार्यकाल के महज पांच माह के भीतर दो आरपीएफ कांस्टेबल 9 मई 2025 को बिमलगढ़ आरपीएफ पाेस्ट के शंभू सिंह और 10 अक्टूबर 2025 को बंडामुंडा आरपीएफ पोस्ट के मोहम्मद असरार को सीबीआई ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. इन घटनाओं ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे. इसके अलावा झारसुगुड़ा से राउरकेला तक ट्रेनों में अवैध वेंडिंग, रेलवे स्टेशन पर गांजा की तस्करी, तत्काल टिकट की कालाबाजारी जैसे मामले सामने आये लेकिन इन पर एएससी स्तर पर कभी कोई कार्रवाई नहीं की गयी. ये  शिकायतें लगातार डीजी सोनाली मिश्रा तक पहुंच रही थी. इसके बाद दिल्ली से आयी टीम ने मिली शिकायतों की स्वयं राउरकेला पहुंचकर जांच की.

सूत्रों के अनुसार, आरपीएफ की SER जोनल आईवीजी टीम की गतिविधियां भी बीते सालों में काफी संदिग्ध रही हैं. पिछले पांच माह से राउरकेला रेलवे स्टेशन पर आईबीजी की टीम ने लगातार दबिश दी. दिलचस्प है कि RPF IVG टीम जहां राउरकेला में हमेशा सक्रियता दिखायी देती रही वहीं झारसुगुड़ा रेलवे स्टेशन पर अवैध धंधों के मामले में उसकी सक्रियता नागण्य रही. (विस्तृत खबर शीघ्र) इन दोनों स्टेशनों पर अवैध गतिविधियों की जानकारी आरपीएफ आईजी अथवा डीजी सोनाली मिश्रा तक जिम्मेवार लोगों ने कभी सही तरीके से नहीं पहुंचायी.

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IVG/RPF/SER ने हर बार झारसुगुड़ा में जांच के नाम पर खानापूर्ति की. बिना अवकाश ड्यूटी से गायब सब इंस्पेक्टर और जवान की ड्यूटी से गैरहाजिरी पकड़े जाने के बावजूद उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी. दिलचस्प है कि झारसुगुड़ा में कार्यालय में काम करने वाले लोगों काे भी पोस्ट प्रभारी इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार दिल खोलकर TA और नाइट पेट्रोलिंग के नाम पर भत्ता का भुगतान करा रहे है जबकि हकीकत में ये लोग नाइट पेट्रोलिंग करने जाते तक नहीं. सूत्रों की माने तो कार्यालय में काम करने वाले सीके सिंह और पूजा पाटिल के अलावा स्पेशल के रूप में फिरोज अहमद, विकेश यादव, लक्ष्मण यादव, सिकंदर कुमार को भी फर्जी ड्यूटी दिखाकर TA मद में लगातार बड़ी राशि का भुगतान कराया जा रहा है. यह क्रम लगातार जारी है जो जांच का विषय है.

बड़ी बात यह कि बीते कुछ माह में यहां से लगातार रेल की चोरी की घटनाएं हुई लेकिन उन मामलों को आरपीएफ ने पीडब्ल्यूआई से मिलीभगत कर दबा दिया है. अप्रैल में 9 से 10 के बीच बरपाली में रेल पटरी उड़ायी गयी जबकि केचुभाल में भी चार माह पहले बड़ी चोरी को अंजाम दिया गया था, जिसे दबा दिया गया. इन गंभीर मामलों पर कभी भी ASC रहते अग्निदेव प्रसाद ने गंभीरता नहीं दिखायी. रेलहंट इन मामलों की जल्द ही परत दर परत पड़ताल करने जा रहा है.

रेलहंट का प्रयास है कि सच रेल प्रशासन के सामने आये. ऐसे में किसी को अपना पक्ष रखना है तो whatsapp 9905460502 पर भेज सकते है, पूरे सम्मान के साथ उसका संज्ञान लिया जायेगा. 

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