- PCSTE / WCR यार्ड का निरीक्षण कर track side safety का ध्यान रखने का दिया निर्देश
- Railway board ED Signal ने भी घटना पर दुख जताते हुए मदद का दिया आश्वासन
KOTA. रेलवे में सुरक्षा, संरक्षा व समय पालन का मूलमंत्र ही अब पटरी से (derailed) उतर गया है. सेफ्टी को लेकर लगातार चल रही जद्दोजहद व घोषणाओं के बीच बीते एक और सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन विभाग कर्मचारी की मौत ट्रेन की चपेट में आकर हो गयी. दराब सिंह योगी सिग्नल असिस्टेंट थे जाे IBH (IDG-LKE सेक्शन के बीच) में लोकेशन पर पेंटिंग का काम काम कर रहे थे. वह कोटा डिवीजन के सवाई माधोपुर स्टेशन पर पदस्थापित थे.
19 दिसंबर 2025 को कार्य के दौरान वह 12466 अप ट्रेन की चपेट में आ गए. मौके पर ही उनकी मौत हो गयी और उनका शव इंजन में फंसकर कई मीटर दूर तक घसिटता चला गया. बाद में चालक ने ट्रेन रोकी और शव को बाहर निकालकर रेल पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा. वह 04/08/2016 को रेलवे की सेवा में आये थे. ऐसा नहीं है कि सेफ्टी उपायों से अनदेखी को लेकर किसी रेलकर्मी की मौत की यह पहली घटना हो.
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हर बार ऐसे हादसों के बाद संरक्षा सुनिश्चित करने की बात उठायी जाती है. यूनियन ने इस मामले में कई बार नाईट फेल्योर रेक्टिफिकेशन गैंग की व्यवस्था करने, कर्मचारियों का रोस्टर ड्यूटी का निर्धारण करने, रिस्क एवं हार्डशिप अलाउंस का भुगतान करने की मांग रखी लेकिन सालों से उनकी मांग अब तक पूरी नहीं की जा सकी है. इंडियन रेलवे सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन मेंटेनर्स यूनियन के अध्यक्ष नवीन कुमार और महासचिव अलोक चंद्र प्रकाश ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए सुरक्षा मानको का अनुपालन सुनिश्चित कराने और हार्डशिप अलाउंस की मांग को पूरा करने की मांग दोहरायी है.
उधर, PCSTE / WCR ने Gosalpur station और यार्ड का निरीक्षण किया. Signal Assistant की ट्रेन हादसे में निधन पर गहरा दुख व्यक्त करने के साथ ही सभी staff को track side safety का ध्यान रखने के निर्देश दिया है. वहीं Railway board ED Signal ने भी घटना पर दुख जताते हुए हर संभव मदद का आश्वासन यूनियन को दिया है.
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