- SER जोन में अवैध वेंडर यूनियनों ने आरपीएफ पर लगाया जबरन कार्रवाई करने का आरोप
KHARAGPUR. रेलवे में अवैध वेंडरों की मनमानी की कहानी नई नहीं है. सफेदपोश आकाओं के संरक्षण में चलने वाले अवैध वेंडरों के धंधे का बड़ा हिस्सा उनके आकाओं की झोली में जाता है. अवैध वेंडिंग में छूट देने के नाम पर RPF के अधिकारी व जवान भी हाथ धोने से पीछे नहीं रहते. यात्रियों और इससे जुड़े संगठनों का हमेशा आरोप रहा है कि ट्रेनों से स्टेशन तक अवैध वेंडिंग के पीछे जो बड़ा अर्थतंत्र काम कर रहा है उसके पीछे मुख्य भूमिका आरपीएफ और जीआरपी की ही होती है.
हालांकि रेलवे बोर्ड अथवा जोनल आदेश पर कभी-कभार दिखावे की कार्रवाई RPF की ओर से की जाती है और कुछ हॉकरों को पकड़कर केस भी किया जाता है लेकिन दूसरे ही दिन सभी वेंडर फिर से ट्रेनों में फेरी करते दिखायी पड़ते है. आलम यह है कि अवैध वेंडिंग अब अधिकार माना जाने लगा है और इसे रोकने वाले किसी भी अभियान का संगठित होकर विरोध भी शुरू कर दिया जाता है.
खड़गपुर मंडल की स्पेशल ट्रास्क फोर्स की शनिवार को की गयी कार्रवाई का असर भी कुछ ऐसा ही रहा जब हॉकर्स यूनियन के नेताओं ने पांसकुड़ा आरपीएफ पोस्ट पर प्रदर्शन करते हुृए पकड़े गये अवैध वेंडरों को छोड़ने की मांग शुरू कर दी. बड़ी संख्या में यूनियन सदस्यों के साथ वेंडरों के प्रदर्शन के कारण पांसकुड़ा रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही.
दरअसल, 13-09-2025 को लगभग 13.20 बजे खड़गपुर मंडलीय टास्क टीम ने आईपीएफ एचके गुप्ता की अगुवाई में अभियान चलाया और 01 किन्नर के अलावा 14 हॉकरों को पकड़कर आरपीएफ पोस्ट, पांसकुरा के हवाले कर दिया. इसकी जानकारी मिलते ही 16.30 बजे प्रशांतो दारा- सेकटी/इंटक/हॉकर यूनियन/मेचेदा, दिलीप अधिकारी जनरल सेकटी/एचएमएस/हॉकर्स यूनियन/बालीचक, बप्पा साहा, सेकटी/जॉय बंगाला हॉकर यूनियन/रामराजतला, शंभूनाथ कंदार-सेक्टी/आईएलटीटीयूसी/हॉकर यूनियन/पंसकुड़ा के नेतृत्व में लगभग 200-250 हॉकर और समर्थक पांसकुड़ा आरपीएफ पोस्ट पहुंच गये.
तबारक अली खान- सेक्टी/हॉकर यूनियन/उलुबेरिया, बप्पी मोल्ला, सेक्टी/हॉकर यूनियन/टीएमसी/उलुबेरिया, रूपा बेगम सेक्टी/हॉकर्स यूनियन/बौरिया और एसके साजन-सेक्टर/जाति बंगाला/हॉकर यूनियन/भोगपुर ने पंसकुरा स्टेशन पीएफ और सर्कुलेटिंग एरिया पंसकुरा पर कब्जा कर लिया, उसके बाद उन्होंने आरपीएफ पोस्ट के सामने नारेबाजी शुरू कर दी. ये लोग पकड़े गये हॉकरों को रिहा करने और हॉकरों पर आरपीएफ का अत्याचार रोकने की मांग कर रहे थे. लगे हाथ आने वाले समय में रेल रोकने की चेतावनी तक दे डाली.
हालांकि पंसकुड़ा आरपीएफ प्रभारी ने यूनियन नेताओं काे बताया कि समय-समय पर रेलवे बोर्ड से अनधिकृत हॉकरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का आदेश आता है और उसकी आदेश के तहत अनधिकृत हॉकरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसके बाद वेंडर यूनियन के नेता 18.20 बजे पोस्ट से लौट गये. हालांकि तब स्थिति तो सामान्य हो गयी लेकिन एक सवाल यह जरूर सामने आ गया कि क्या आरपीएफ रेलवे बोर्ड के आदेश के बाद ही अवैध वेंडरों पर कार्रवाई करेगी ?


















































































