- जर्मन तकनीक वाले बोगी माउंटेन ब्रेक सिस्टम ( बीएमबीएस) को लेकर उठाये गये सवाल
- सवाई माधोपुर में मालगाड़ी के सिग्नल ओवरशूट करने के मामले में जांच हुई तेज
KOTA. सवाई माधोपुर में लाल सिग्नल पास (सिग्नल ओवरशूट) के मामले में मालगाड़ी के चालक नरेंद्र शर्मा और सहचालक प्रदीप धाकड़ को निलंबित कर दिया गया है. रविवार रात से सोमवार सुबह तक चली जांच में कोटा से सवाई माधोपुर तक का डाटा खंगाला गया. फ्लॉपी डिक्स और इंजन के कंप्यूटरीकृत रिकॉर्ड भी देखे गये साथ ही चालकों का बयान भी नोट किया गया. चालकों की माने तो ब्रेक लगाने के बाद भी रफ्तार कम नहीं हुई. दावा किया गया कि आपातकालीन ब्रेक लगाने पर भी ट्रेन नहीं रुकी.
चालकों से समय रहते इसकी जानकारी सवाई माधोपुर स्टेशन उपाधीक्षक को दी थी. हालांकि तमाम उपायों के बाद मालगाड़ी खुद रुक गयी. मालगाड़ी में बोगी माउंटेन ब्रेक सिस्टम ( बीएमबीएस) लगा था. जर्मन तकनीक वाले इस ब्रेक सिस्टम से लैस कई मालगाड़ियों ने सिग्नल ओवरशूट की घटनाएं हो चुकी है. कोटा डिवीजन में इसे पहला मामला बताया जा रहा है. आरोप है कि चालकों ने समय पर ब्रेक नहीं लगाया. हालांकि सिग्नल की मूल वजह लोड मालगाड़ी में ढलान और घुमाव पर अधिक दबाव और ब्रेक सिस्टम माने जा रहे हैं.

Kota Rail News की रिपोर्ट के अनुसार रेलवे बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष (CRB) विनय त्रिपाठी और रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) मनोज अरोरा तक कोटा रेलवे वर्कशॉप में इस ब्रेक सिस्टम की जांच कर चुके हैं. बताया जाता है कि संरक्षा आयुक्त ने छह दिन पहले 18 जनवरी यह जांच की थी. लेकिन इसके बाद भी बीएमबीएस की मालगाड़ियों का सिग्नल ओवरशूट के मामले नहीं रुके. अब चालक चालक इस बीएमबीएस ब्रेक सिस्टम को बंद करने की मांग कर रहे हैं. ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ लगातार इसकी मांग कर रहा.
SER : टाटा के सलगाझरी में मालगाड़ियों की टक्कर का कारण सिग्नल ओवरशूट या बोगी माउंटेड ब्रेक सिस्टम !
चालकों का दावा है कि आरडीएसओ ने ब्रेक सिस्टम लगे ट्रेनों की रफ्तार ढलान और गोलाई पर निर्धारित कर रखी है. लेकिन सवाई माधोपुर में निर्धारित रफ्तार से कम गति होने के बावजूद भी मालगाड़ी नहीं रुकी. मालूम हो कि सवाई माधोपुर में रविवार की रात करीब 8 बजे एक मालगाड़ी लाल होम सिग्नल पार कर गई थी. डाउन लाइन पर मालगाड़ी सिग्नल ओवरशूट करते हुए करीब 20 मीटर आगे जाकर रुकी.
मालगाड़ी चित्तौड़गढ़ की तरफ गंगापुर की ओर जा रही थी. चालकों ने बराना स्टेशन पर ही चार्ज लिया था. मालगाड़ी में गार्ड नहीं था. बताया जाता है कि जब यह घटना घटी अजमेर-जबलपुर एक्सप्रेस सवाई माधोपुर प्लेटफॉर्म में प्रवेश कर रही थी. अगर मालगाड़ी नहीं रूकती तो एक बड़ा हादसा तय था.












































































