- मुंबई- हावड़ा ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस ट्रेन से टाटानगर आ रहे थे डॉ बेहरा
- पिता को कूदते देख पुत्र ने भी लगायी छलांग, मामूली रूप से चोटिल
- डॉ बेहरा के सिर में लगी है गंभीर चोट, ऑपरेशन करना पड़ा
चक्रधरपुर. टाटानगर रेलवे अस्पताल के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ सुशील कुमार बेहरा व उनका पुत्र सात्विक बेहरा गुरुवार की सुबह मुंबई- हावड़ा ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस ट्रेन से चक्रधरपुर स्टेशन पर कूद गये. डॉ बेहरा को यह गलत फहमी हो गयी थी कि ट्रेन टाटा पहुंचकर वहां से रवाना हो रही है. सीएमएस के सिर में गंभीर चोट लगी है जबकि पुत्र को हल्की चोट लगी है. चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद पिता-पुत्र को जमशेदपुर के तामोलिया स्थित ब्रम्हानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. चक्रधरपुर से दोनों को विशेष सैलून से टाटानगर भेजा गया. देर रात डॉ बेहरा का तामोलिया स्थित ब्रम्हानंद नारायण हृदयालय में सिर में लगी चोट का ऑपरेशन किया गया. घटना गुरुवार सुबह लगभग आठ बजे की है. डॉ बेहरा अपने पुत्र सात्विक का राउरकेला एनआइटी में काउंसेलिंग कराकर लौट रहे थे.
नींद में स्टेशन का नहीं चला पता
डॉ सुशील कुमार बेहरा अपने पुत्र संग मुंबई- हावड़ा ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस से राउरकेला से टाटानगर आ रहे थे. दोनों गहरी नींद में थे. सुबह 7.50 बजे जब चक्रधरपुर से ट्रेन खुलने लगी तो डॉ बेहरा व उनके पुत्र की आंख खुली. नींद से तुरंत जगने के कारण डॉ बेहरा को लगा कि वे टाटानगर स्टेशन पहुंच गये हैं. आनन-फानन में डॉ बेहरा विपरीत दिशा में ट्रेन से कूद गये. तब तक ट्रेन की रफ्तार तेज हो चुकी थी. पिता को ट्रेन से कूदता देख पुत्र भी कूद गया. मौके पर मौजूद आरपीएफ जवानों ने उसे गिरने से बचा लिया. देर रात तक टाटानगर रेलवे अस्पताल के डॉक्टर व अन्य सहकर्मी तामोलिया स्थित ब्रम्हानंद नारायण हृदयालय में जमे हुए थे जहां डॉ बेहरा का ऑपरेशन चल रहा था.
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