BANDAMUNDA. भारतीय रेल ने विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर बंडामुंडा इलेक्ट्रिक शेड के सभागार में रेलवे कर्मियों के बीच क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. शेड के सीनियर डीईई बिप्लब दाश के अगुवाई में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य रेलवे के गौरवशाली इतिहास, तकनीकी प्रगति और उपलब्धियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था.
इस क्विज प्रतियोगिता में रेलवे के शुरुआती दौर, महत्वपूर्ण घटनाओं, तकनीकी नवाचार, ट्रेन परिचालन और भारतीय रेल की उपलब्धियों से जुड़े सवाल पूछे गए. इस प्रतियोगिता में शेड के अलग अलग अनुभाग ने प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए शानदार प्रदर्शन किए. जिसमें ई2 अनुभाग के पी माहातो,अमरनाथ एवं एसके डे ने प्रथम स्थान हासिल किए. जबकि ई5 अनुभाग के कर्मचारी द्वितीय एवं ई3 के कर्मचारियों ने तीसरा स्थान हासिल किया है.
इस दौरान सीनियर डीईई बिप्लब दाश ने बताया कि भारतीय रेलवे ने विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूरे कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. 1925 में बॉम्बे (अब मुंबई) के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से कुर्ला तक पहली बार इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने से शुरू हुआ यह सफर आज देशभर में हजारों किलोमीटर ट्रैक पर विस्तार पा चुका है.
विद्युतीकरण के इस सौ वर्षीय सफर में रेलवे ने न केवल यात्री और मालगाड़ी संचालन को तेज़ और सुरक्षित बनाया, बल्कि डीज़ल पर निर्भरता घटाकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. वर्तमान में भारतीय रेलवे का लक्ष्य 2030 तक 100% विद्युतीकरण और नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करना है.
















































































