- ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन आया सामने, पीड़ित DY SS के परिजनों ने भी वापस मांगा “सम्मान”
Agra/New Delhi. आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों द्वारा ऑन-ड्यूटी डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (डिप्टी एसएस) नरेंद्र चहर के साथ की गई बर्बरता के खिलाफ देशभर के रेल कर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा है. ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन (AISMA) समेत कई बड़े रेल संगठनों ने इस घटना के विरोध में देशव्यापी मोर्चा खोल दिया है. वहीं आगरा में विभिन्न संगठनों ने घटना पर विरोध दर्ज कराया है. यूनियन नेताओं ने आरपीएफ पोस्ट पर भी जाकर प्रदर्शन किया.
देशभर में स्टेशन मास्टरों का ‘काली पट्टी’ प्रदर्शन
ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को देश के लगभग सभी हिस्सों में स्टेशन मास्टरों ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर ऑन-ड्यूटी काम किया. रेल कर्मियों का कहना है कि स्टेशन मास्टर भारतीय रेलवे का मुख्य चेहरा होता है, जो हर यात्री की मदद के लिए चौबीसों घंटे तैनात रहता है. अगर ऑन-ड्यूटी जिम्मेदार अधिकारियों को ही सुरक्षा बल के जवान अपराधियों की तरह घसीटेंगे और पीटेंगे, तो कोई भी कर्मचारी किस हौसले और सुरक्षित माहौल में अपनी ड्यूटी कर पाएगा.
रेलवे यूनियनों और स्टेशन मास्टरों की प्रमुख मांगें
सिर्फ निलंबन (सस्पेंशन) से असंतुष्ट रेल कर्मचारी संगठनों और पीड़ित अधिकारी ने प्रशासन के सामने अपनी दोटूक मांगें रखी हैं:
- दोषी आरपीएफ जवानों की तत्काल बर्खास्तगी (टर्मिनेशन): स्टेशन मास्टर एसोसिएशन और पीड़ित डिप्टी एसएस नरेंद्र चहर (जो पूर्व नौसैनिक भी हैं) का कहना है कि निलंबन केवल एक अस्थायी प्रक्रिया है. खाकी का दुरुपयोग करने वाले इन जवानों को सेवा से पूरी तरह बर्खास्त किया जाए.
- दोषियों का इंटर-रेलवे ट्रांसफर: प्रदर्शनकारी संगठनों की मांग है कि घटना में शामिल सभी 4-5 आरपीएफ कर्मियों और उनके मददगारों को इस जोन से दूर स्थानांतरित किया जाए ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें.
- कड़ी कानूनी कार्रवाई और जीआरपी में एफआईआर: घटना में शामिल आरपीएफ जवानों और उनके साथ मौजूद बाहरी तत्वों के खिलाफ जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) में सख्त धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए.
- ऑन-ड्यूटी रेल कर्मियों को सुरक्षा की गारंटी: यूनियनों ने मांग की है कि भविष्य में किसी भी स्टेशन मास्टर या रेल कर्मी के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार न हो, इसके लिए रेलवे बोर्ड ठोस सुरक्षा गाइडलाइंस जारी करे.
बड़ी कार्रवाई न होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
कर्मचारी संगठनों ने साफ कर दिया है कि रेलवे प्रशासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट आने तक उनका शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा. यदि आरोपियों के खिलाफ ‘टर्मिनेशन’ जैसी सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है, जिससे आगामी दिनों में रेल संचालन पर भी असर पड़ने की आशंका है.
रेलवे बोर्ड तक तक पहुंची आवाज
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के जवानों द्वारा ऑन-ड्यूटी डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (डिप्टी एसएस) नरेंद्र चहर के साथ की गई बर्बरता की आवाज रेलवे बोर्ड तक पहुंची है. फिलहाल 4 आरपीएफ जवानों को निलंबित (सस्पेंड) किया गया है. हालांकि पीड़ित अधिकारी और रेलवे यूनियनों ने इसे नाकाफी बताते हुए आरोपियों की बर्खास्तगी (टर्मिनेशन) की मांग की है. वहीं डिप्टी एसएस की पत्नी ने इस मामले में डीआरएम से पति का खोया सम्मान वापस करने की मांग दोहरायी.
सांसद राजकुमार चाहर ने कमांडेंट को लगायी फटकार
स्थानीय सांसद राजकुमार चाहर ने भी मौके पर पहुंचकर पूरी जानकारी ली. उन्होंने आरपीएफ कमांडेंट को फटकार लगायी और कृत्य को दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर बताया. घटना के विरोध में भारतीय मजदूर संघ, उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ और ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन (AISMA) पूरी तरह से लामबंद हो गए हैं. इसके बाद देशभर के स्टेशन मास्टरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया.
- रेल मंत्री का एलान… अब वैगन डिजाइन कर सकेंगी कंपनियां, ठेकेदारों पर कसेगा शिकंजा!, जानें क्या है आठ बड़े फैसले - July 14, 2026
- आगरा कैंट कांड : दोषियों को सजा दो, या मेरी जान ले लो, पत्नी की चेतावनी – बहन पटरी पर उतरी - July 14, 2026
- आगरा कैंट बवाल : Dy SS की पिटाई के सच पर बैठी हाई-लेवल कमेटी, RPF का दावा – ‘चेन पुलिंग’ पर हुआ था विवाद! - July 14, 2026




















































































