AHMEDABAD : इलेक्ट्रिकल पॉवर स्टाफ, विरमगाम से नौकरी का कार्यकाल पूरा करने वाली नफीसाबेन को सहयोगियों ने आयोजन कर शानदार विदाई दी. नफीसाबेन पहले कोविड एवं उसके पश्चात बुरी तरह म्यूकरमाईकोसिस से पीड़ित हो गयी थी. हालात गंभीर थी और बेहतर इलाज की भी आवश्यकता थी. ऐसे में गंभीर परिस्थिति में WREU के मंडल संगठन मंत्री मिस्बाहुल हसन और संयुक्त मंडल मंत्री संजय सूर्यबली ने तत्कालीन डीआरएम दीपक कुमार झा से सहयोग मांगा.

नफीसाबेन
इसके बाद डॉ. विजय देसाई व डॉ. सुशांत के सहयोग से मुख्यालय से CMD अप्रूवल लेकर नफीसाबेन को रेलवे से टाईअप एवं अपोलो मल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में रेफर करवाया था. यह कोरोना की वैश्विक महामारी का सबसे बुरा दौर था. बताया गया कि यह पश्चिम रेलवे एवं सम्भवतः भारतीय रेलवे में भी किसी रेल कर्मचारी का म्यूकरमैकोशीश का यह पहला मामला था.
जिंदगी की जंग जीतने वाली नफीसाबेन की सेवानिवृत्ति के मौके पर इस पल को याद किया गया कि किसी तरह वह महामारी से लड़कर बाहर निकली और सफलता पूर्वक अपने सेवाकाल को पूरा किया. सेवानिवृत्ति के अवसर पर नफीसाबेन ने WREU के सभी पदाधिकारियों को आमंत्रित किया था. उन्होंने WREU 108 का शुक्रिया अदा किया. यह जानकारी WREU के वीरमगाम के रमणीक ने दी है.
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