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युवा मंच : खिलाड़ियों नहीं खेल पर लुटाने से बदलेगा माहौल

अमितेश कुमार ओझा , खड़गपुर

अमितेश कुमार ओझा

बचपन से मैंने एक मुहावरा सुना है ‘ रात गई बात गई’ . लेकिन ये मुहावरा हमें जिंदगी में अक्सर देखने को मिलता है ,जैसे राजनितिक पार्टियों द्वारा चुनाव के समय विभिन्न प्रकार के चुनावी वादे कर जीत पक्की हो जाने के बाद सब वादे का भूल जाना. ठीक वैसे ही मुझे ये बात अगस्त के महीने में ओलम्पिक खेल के बाद देखने को मिली . जिस दिन नीरज चोपड़ा द्वारा भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीत कर देश को गौरवान्वित किया था उस दिन देश के करोड़ों युवाओं द्वारा सभी सोशल साइट्स में स्टेटस के रूप में वह वीडियो और तस्वीरें साझा किया जा रहा था. जिन युवाओं ने कभी नीरज चोपड़ा का नाम भी नहीं सुना था उन्होंने भी उस पल को साझा किया .

मुझे भी उस पल को बार बार देख कर ऐसा महसूस हो रहा था जैसे देश का युवा इस पल को देख के अपने जीवन में उतारेगा ,सरकार भी अब देश के युवाओं और खेल के लिए कुछ करेगी जैसे स्टेडियम का निर्माण ,छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को देश के सामने प्रस्तुत करना,कोचों की नियुक्ति इत्यादि . लेकिन ठीक इसके विपरीत होता हुआ नजर आ रहा है . सरकार द्वारा खाली जीते हुए खिलाड़ियों को नौकरी और इनामी धन वर्षा की जा रही है . लेकिन कोई उस खेल को अपने जिंदगी में उतारने के तैयार नहीं है . आज भी भाला फेंक जैसे खेल सैकड़ों की संख्या में लड़के ही खेलते होंगे . बहुत ही कम लोग ओलंपिक से जुड़े खेल के बारे में जानते होंगे कि आखिर वहां आप किस किस खेल में भाग ले सकते हो .

सरकार की यह जिम्मेदारी होनी चाहिए कि सभी बच्चो ,युवाओं के बीच इस जानकारी को साझा करे . देश का राष्ट्रीय खेल हॉकी , आज कितने लोग खेलते होंगे . मैं तो आभार जताता हूं ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक जी का जिन्होंने ने उस खेल में रुचि दिखा के देश के खिलाड़ियों के कांस्य पदक जीतने में मदद की . नवीन पटनायक जी के देख रेख़ में २०२३ में हॉकी वर्ल्ड कप करवाया जाएगा . ठीक टोक्यो ओलंपिक खत्म होने के बाद १५ अगस्त से पैराओलंपिक का आयोजन किया गया . जिसमे देश के दिव्यांग खिलाड़ियों ने कुल १९ पदक जीते . लेकिन ना ही किसी नेताओ ने इस बात को महत्वपूर्ण समझा ,ना ही देश के युवाओं ने और ना ही देश के मीडिया वालो ने जो इस न्यूज़ को प्राथमिकता दे .

सरकार के साथ साथ देश के नागरिक की भी जिम्मेदारी होनी चाहिए कि हम इन सभी खिलाड़ियों को सम्मान दें और आने वाले दिनों में हर एक शहर ,हर एक गांव से नीरज चोपड़ा जैसे खिलाड़ियों का जन्म हो ,जो इस देश के नाम को और ज्यादा रोशन करे.

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